UP Election को लेकर DB LIVE का ओपिनियन पोल, सपा की बन रही सरकार

अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव होने हैं। ( UP Election news in hindi ) उससे पहले सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति का इतिहास है कि यहां एक ही सरकार लगातार दो बार सत्ता की चाबी नहीं पाई है। इसी इतिहास को बदलने के लिए योगी सरकार पूरे जोरो-शोरो से जुट गई है।

भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की मानें तो इस बार भी बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बन रही है, लेकिन हाल ही में आए एक ओपिनियन पोल ने सभी की नींद उड़ा दी है। दरअसल, एक ऑनलाइन न्यूज चैनल DB LIVE के ओपिनियन पोल में सपा सरकार बनाते दिख रही है। UP Election news in hindi

DB LIVE के ओपिनियन पोल के मुताबिक समाजवादी पार्टी 2022 में सरकार बनती दिख रही है। वहीं, भाजपा दूसरे नंबर पर रहेगी। इतना ही नहीं इस पोल के अनुसार कांग्रेस को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है। कांग्रेस को 24-32 सीटें मिलने के आसार हैं। UP Election news in hindi

वीडियो में देखें–

 

 

DB LIVE पोल के मुताबिक एक नजर में देखें किसे कितने सीटें मिलेंगी

  • सपा + 195-203
  • भाजपा + 147-155
  • बसपा – 12-20
  • कांग्रेस- 24-32
  • अन्य- 5-13

बता दें, चैनल के मुताबिक ये पोल कृषि कानून वापस लेने के एलान के बाद का है। इस ओपिनियन पोल के वक्त पैनल पर कई वरिष्ठ पत्रकार भी बैठे हैं, जिनका मानना है कि भाजपा को काफी नुकसान होने वाला है।

 

क्या है APB NEWS- C VOTERS का पोल- UP Election news in hindi

DB LIVE और ABP NEWS- C VOTERS के सर्वे में काफी अंतर है। सी-वोटर के सर्वे के मुताबिक सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत बीजेपी और उसके पार्टियों को मिलता नजर आ रहा है। इस सर्वे में बीजेपी+ को 40 प्रतिशत तक वोट मिलता दिखाई दे रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी दलों को 32 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं। सर्वे से पता चला है कि इस बार बीजेपी+ को सपा+ से करीब आठ फीसदी वोट ज्यादा मिलते दिख रहे हैं। up election latest news

कुल सीट-403

BJP+ 40%              40%
SP+  32 %             32%
BSP  15%              14%
कांग्रेस-  7%            8%
अन्य-   6%              6%

 

नोट- SAMACHAR UP खबरों के आधार पर खबर को छापता है। यहां किसी पार्टी-विशेष से प्रभावित होकर खबरें नहीं छपती। UP Election news in hindi

भारत के पराग अग्रवाल बने TWITTER के नए CEO, जानें उनके बारे में सबकुछ

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ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी के इस्तीफा देने के साथ ही भारतीय मूल के पराग अग्रवाल को कंपनी का नया CEO बनाया गया है। पराग इससे पहले ट्विटर में सीटीओ पद पर थे। कंपनी के बोर्ड ने उन्हें एकमत से सीईओ पद के लिए चुना है।

आइए जानते हैं पराग अग्रवाल के पारे में 10 महत्वपूर्ण बातें….

1-पराग अग्रवाल ने आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस और इंजनीयरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है.

2-आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई के बाद उन्होंने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की है.

3-पराग इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च और याहू रिसर्च में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं.

4-ट्विटर के साथ उनका जुड़ाव साल 2011 में हुआ. कहा जाता है कि ट्विटर को पॉपुलर बनाने में पराग का बड़ा योगदान रहा है. खुद जैक डोर्सी ने अपने इस्तीफे में कठिन निर्णयों में पराग की भूमिका का जिक्र किया है.

5- रेवेन्यू और कस्टमर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कंपनी को टॉप पर पहुंचाने की वजह से पराग एक बाद एक टॉप पद पर पहुंचे.

6- पराग के काम कारण के साल 2016 और 2017 में कंपनी को जबरदस्त ऑडियंस ग्रोथ मिली.

7- साल 2018 में ट्विटर ने पराग को कंपनी का सीटीओ नियुक्त किया था.

8- सीटीओ के तौर पर पराग के पास कंपनी की तकनीकी रणनीति, अडवांस मशीन लर्निंग की जिम्मेदारी थी.

9- साल 2019 में जैक डोर्सी ने पराग को प्रोजेक्ट ब्लूस्की का हेड बनाया था. ब्लूस्की प्रोजेक्ट को ट्विटर पर भ्रामक खबरों के खिलाफ बनाया गया था.

10- 29 नवंबर 2021 को जैक डोर्सी के इस्तीफा देने के साथ ही अब पराग नए सीईओ बन चुके हैं.

BIG BREAKING: UP TET की एग्जाम 26 दिसंबर को

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UP शिक्षक पात्रता परीक्षा UP TET 26 दिसंबर को होगी। एक दिन पहले पेपर लीक होने के कारण परीक्षा कैंसिल कर दी गई थी। शिक्षा मंत्री डॉ. सतीष द्विवेदी ने कहा है कि छात्रों को दोबारा परीक्षा फॉर्म नहीं भरना होगा। उनके परीक्षा केंद्र भी वही रहेंगे। सिर्फ परीक्षा की तारीख घोषित होगी।

इस मामले में अब तक 23 लोग गिरफ्तार
UP TET पेपर लीक मामले में मेरठ-प्रयागराज से 23 लोग गिरफ्तार। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में STF की छापेमारी। पेपर कराने वाली कंपनी ब्लेक लिस्टेड होगी। कंपनी के कई लोग शक के घेरे में आए।यूपी के 21 लाख परीक्षार्थियों को झटका।
दो पारियों में होना था एग्जाम

बता दें, ये एग्जाम दो पारियों में होना था। पहली पारी सुबह 10 बजे से साढ़े बारह बजे तक थी। वहीं दूसरी पारी दोपहर ढाई से शाम पांच बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा होनी थी। इस बार यूपी टीईटी के लिए 21,62,287 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

पिछले 6 महीने में अर्श से फर्श पर आ गई बसपा, अपना दल से भी बनी छोटी पार्टी

यूपी चुनाव से पहले नेताओं का एक पार्टी से दूसरे पार्टी में जानें का सिलसिला जारी है। इस कड़ी में बहुजन समाजवादी पार्टी की हालत सबसे ज्यादा खराब है। बीते 25 नवंबर को पार्टी के एक और दिग्गज नेताओं में शुमार बसपा विधानमंडल दल के नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने मायावती को पत्र लिखकर पार्टी को अलविदा कह दिया है।

पार्टी छोड़ने का सिलसिला काफी लंबा

बसपा का दामन छोड़ दूसरे पार्टी का हाथ थामने का यह सिलसिला पिछले छह महीने से जारी है। दरअसल, 2017 में विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर 19 विधायक जीत कर आए थे, जिसके बाद विधायकों ने धीरे-धीरे पार्टी छोड़ना शुरू कर दिया। आलम ये रहा कि पिछले 6 महीनों में बसपा से 15 विधायकों ने मुंह मोड़ दूसरे पार्टी में शामिल हो गए। अब पार्टी के साथ केवल 4 विधायक ही बचे हैं।

अपना दल से छोटी पार्टी बनी बसपा

प्रदेश में बसपा की हालत ये हो गई है कि पार्टी अब कांग्रेस और अपना दल भी छोटी बन गई है। फिलहाल, यूपी कांग्रेस के 7 विधायकों में एक बागी है और एक ने पार्टी छोड़ दी है। अब 6 विधायक बचे हैं। अपना दल के पास 9 विधायक हैं। सुभासपा के चार विधायक हैं। वहीं, अब बसपा के पास भी 4 ही विधायक बचे हैं। श्याम सुंदर शर्मा, उमाशंकर सिंह, विनय शंकर तिवारी और आजाद अरिमर्दन।

मायावती का गिरता सियासी ग्राफ

मायावती यूपी की सत्ता में चार बार विराजमान हुई, लेकिन 2012 के बाद से पार्टी का ग्राफ नीचे गिरना शुरू हुआ तो अभी तक थमा नहीं।

4 बार सत्ता में रही बसपा

  • 3 जून 1995 से 18 अक्टूबर 1995
  • 21 मार्च 1997 से 20 सितंबर 1997
  • 3 मई 2002 से 26 अगस्त 2003
  • 13 मई 2007 से 6 मार्च 2012

बसपा ने बदले चार प्रदेश अध्यक्ष

वर्तमान में भीम राजभर चौथे बसपा के अध्यक्ष हैं। इससे पहले मुनकाद अली, आरएस कुशवाहा और राम अचल राजभर पार्टी अध्यक्ष थे, जिनमें मुनकाद अली को छोड़कर राजभर और कुशवाहा दोनों ही बसपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए हैं।

मोदी सरकार ने किसान कानून को वापस क्यों लिया? आसान शब्दों में समझें

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PM मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया। पीएम ने संबोधन के दौरान कहा कि आगामी संसद सत्र में इस बारे में जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लाख जतन के बावजूद किसानों के धड़े को समझा नहीं पाई और देशवासियों से क्षमा मांगता हूं कि हमारे ही प्रयासों में कोई कमी रही होगी।

बता दें, किसान बिल ये ऐसा मुद्दा था जिसकी वजह से केंद्र सरकार और किसानों के बीच बीते एक साल से तनातनी जारी थी। बीती 26 नवंबर 2020 से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई प्रदेशों के किसान दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

क्या ये मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक है ?

मोदी सरकार द्वारा अचानक लिए गए इस फैसले की टाइमिंग को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। कुछ लोगों का मानना है कि आगामी यूपी और पंजाब चुनाव को देखते हुए सरकार का ये मास्टरस्ट्रोक है। इस फैसले से सरकार उन किसानों को खुश करने की कोशिश करेगी, जो 2017 में यूपी सरकार बनाने में अहम रोल निभाए थे। विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम यूपी के ज्यादातर किसान 2022 में सरकार गिराने प्रण ले लिए थे, जिस वजह से सरकार का झुकना तय माना जाने लगा था। बता दें, एक दिन पहले ही गृह मंत्री अमित शाह को पश्चिम यूपी की भी कमान सौंपी गई थी।

Farm Laws Rollback. kisan bill wapas
farmer
किसान बिल vs पंजाब चुनाव

बिल वापस के फैसले पर सबसे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह की प्रतिक्रिया आई, जिसका उन्होंने स्वागत किया। साथ ही उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि आगामी पंजाब चुनाव में वह बीजेपी के साथ चुनाव लड़ने वाले हैं। बता दें, पंजाब में भाजपा की सबसे पुरानी साथी अकाली दल ने इसी कानून की वजह से ही गठबंधन तोड़ने का एलान किया था।

ताजा परिणाम भी चिंता का विषय

यूपी-पंजाब के अलावा भी कई राज्यों में ये मुद्दा जमकर उछाला गया। पश्चिम बंगाल में कृषि कानून एक मुद्दा बना रहा है। इसके अलावा कई राज्यों के उप चुनाव में जो परिणाम आए सरकार को ये बात समझ आई गई कि ये उन्हें भारी पड़ रहा है।

इस फैसले से यूपी को कितना फायदा?

यूपी में सबसे ज्यादा किसानों की संख्या पश्चिम यूपी में है। यहां करीब 210 सीटों पर किसान ही जीत-हार का फैसला करते हैं। 2014 लोकसभा, 2016 यूपी चुनाव और 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के पीछे ये 210 सीट का योगदान काफी रहा है। यही कारण है कि भाजपा यहां के किसानों को नाराज नहीं करना चाहती थी।

क्या होती है सेरोगेसी, जिससे 46 साल की प्रीति जिंटा बनीं मां

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बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा (Preity Zinta) के घर खुशियों ने दस्तक दी है। 46 साल की उम्र में प्रीति जुड़वा बच्चों की मां बनी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए यह खुशखबरी अपने फैंस के साथ साझा की है। प्रीति ने अपने बच्चों का नाम जय जिंटा गुडइनफ और जिया जिंटा गुडइनफ रखा है। प्रीति ने सरोगेसी के जरिए जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है।

बता दें, बॉलीवुड के कई कपल इससे पहले भी सरोगेसी से पेरेंट्स बन चुके हैं। इस लिस्ट में शाहरुख खान, आमिर खान, करण जौहर, एकता कपूर, तुषार कपूर, शिल्पा शेट्टी जैसे कई स्टार शामिल हैं। आइए जानते हैं कि आखिर सरोगेसी क्या होती है?

सरोगेसी क्या है? what is surrogacy

  • सरोगेसी एक महिला और एक दंपति के बीच का एक समझौता है, जो अपनी स्वयं की संतान चाहता है।
  • सामान्य शब्दों में सरोगेसी का अर्थ है कि शिशु के जन्म तक एक महिला की ‘किराए की कोख’। प्रायः सरोगेसी की मदद तब ली जाती है जब किसी दंपति को बच्चे को जन्‍म देने में कठिनाई आ रही हो।
  • बार-बार गर्भपात हो रहा हो या फिर बार-बार आईवीएफ तकनीक असफल हो रही हो। जो महिला किसी और दंपति के बच्चे को अपनी कोख से जन्‍म देने को तैयार हो जाती है उसे ‘सरोगेट मदर’ कहा जाता है।
  • भारत में सरोगेसी का खर्चा अन्य देशों से कई गुना कम है और साथ ही भारत में ऐसी बहुत सी महिलाएँ उपलब्ध हैं जो सरोगेट मदर बनने को आसानी से तैयार हो जाती हैं।
  • गर्भवती होने से लेकर डिलीवरी तक महिलाओं की अच्छी तरह से देखभाल तो होती ही है, साथ ही उन्हें अच्छी-खासी धनराशि भी दी जाती है।
  • सरोगेसी की सुविधा कुछ विशेष एजेंसियों द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है। इन एजेंसियों को आर्ट क्लीनिक कहा जाता है, जो इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के दिशा-निर्देशों पर अमल करती हैं।

जरूरी खबर: प्रदूषण की वजह से यूपी के इन जिलों में नहीं बंद होंगे स्कूल

दिल्ली/NCR में प्रदूषण की वजह से गाजियाबाद, मेरठ और उत्तर प्रदेश, यूपी के कुछ अन्य जिलों में स्कूल अब बंद नहीं रहेंगे। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हालिया अपडेट के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश 17 नवंबर, 2021 को वापस ले लिया गया है।

इन जिलों में फिर खुलेंगे स्कूल

यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद, गौतम बौद्ध नगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और बुलंदशहर इन इलाकों से आदेश वापस ले लिया गया है। हालांकि स्कूल खुलने की तारीख का पता नहीं है, लेकिन यह संभव है कि इन क्षेत्रों में ऑफलाइन कक्षाएं अब जारी रह सकती हैं।

क्या था पूर्व आदेश

गाजियाबाद, मेरठ, गौतम बौद्ध नगर जिले के स्कूलों को अगले आदेश तक बंद करने के लिए कहा गया था क्योंकि दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक, एक्यूआई खराब हो गया था। आगे यह भी उल्लेख किया गया कि फिर से खोलने पर अगले आदेश प्राप्त होने तक शिक्षा के ऑनलाइन मोड का पालन किया जाएगा।

इन जिलों में अगले आदेश तक स्कूल रहेंगे बंद

प्रदूषण की वजह से दिल्ली में सबसे पहले स्कूलों को बंद करने को कहा गया। इस घोषणा के बाद गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत हरियाणा के 4 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए। शुरुआत में यह आदेश 17 नवंबर, 2021 तक वैध था। हालांकि, बिगड़ते हालात को देखते हुए अगले आदेश तक स्कूलों को बंद रखने को कहा गया।

PET पास करने वालों छात्रों के लिए खुशखबरी

यूपी में छात्रों के लिए बड़ी खबर है। यूपी एडेड माध्यमिक स्कूलों में लिपिकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती में अब पारदर्शिता दिखाई देगी। दरअसल, यह भर्तियों अब चयन प्रक्रिया के जरिए पूरी की जाएंगी। ऐसे में अब प्रबंधकों की मनमानी खत्म हो जाएगी। इसके लिए प्रबंधक की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।

PET पास करने वाले ही कर पाएंगे क्लियर

खास बात यह है कि अब एडेड माध्यमिक स्कूलों में भर्ती के लिए, आधीनस्थ सेवा चयन आयोग की पात्रता परीक्षा (PET) क्लियर करने वाले अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे।

100 नंबरों के आधार पर मेरिट

एडेड माध्यमिक स्कूलों में भर्ती का यह फैसला कैबिनेट बाईसर्कुलेशन में फैसला लिया गया है। वहीं पेट (PET) परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए टंकण परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद सफल होने वाले स्टूडेंट को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

बता दें कि एडेड माध्यमिक स्कूलों में चयन के लिए कुल 100 नंबरों के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी। इसमें 80 नंबर पेट परीक्षा के पर्सेंटाइल स्कोर से और 20 नंबर इंटरव्यू में मिले अंकों के लिए निर्धारित किए गए हैं।

UP ELECTION से पहले अखिलेश और मायावती को बड़ा झटका

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और बसपा को बीजेपी ने तगड़ा झटका दिया है। गुरुवार को सपा और बसपा के 10 एमएलसी बीजेपी में शामिल हो गए।

बता दें जवाइनिंग कमेटी के समक्ष सपा और बसपा के विधायक और एमएलसी सहित कई बड़े नेताओं को बीजेपी में शामिल कराने का प्रस्ताव रखा गया था।

AKHILESH MAYAWATI

समिति ने सपा के विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह पप्पू, सीपी चंद, अक्षय प्रसाद सिंह, रमा निरंजन, नरेंद्र भाटी व बसपा के ब्रजेश कुमार सिंह प्रिंसू सहित दस एमएलसी के बीजेपी में शामिल करने की मंजूरी दी, जिसके बाद ये सभी एमएलसी आज बीजेपी मुख्यालय में सदस्यता ली।

सूत्रों के हवाले से मिल रही खबर के मुताबिक सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले परिषद सदस्यों में अधिकांश सदस्य नगर निकाय क्षेत्र से एमएलसी है। इतना ही नहीं बीजेपी ने इन सदस्यों को विधान परिषद के आगामी नगर निकाय क्षेत्र चुनाव में उम्मीदवार बनाने की भी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

यूपी पुलिस में सबसे बड़ी दारोगा भर्ती, परीक्षा से पहले जान लें ये जरूरी जानकारी

यूपी के लाखों युवाओं का इंतजार खत्म हो गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी दारोगा भर्ती 2020-21 की आनलाइन लिखित परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई हैं। प्रदेश के 13 जिलों में स्थापित 92 परीक्षा केंद्रों में 12 नवंबर से दो दिसंबर के बीच लिखित परीक्षा होगी।

इस बार परीक्षा तीन चरणों में होगी और प्रतिदिन तीन पालियां में इम्तिहान कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड ने तीन दिसंबर का दिन भी परीक्षा के लिए रिजर्व रखा है। यदि किसी दिन किसी केंद्र पर परीक्षा में कोई बाधा आई तो वह परीक्षा तीन दिसंबर को होगी।

तीन दिन पहले पता चलेगा परीक्षा केंद्र

परीक्षा की सुरक्षा-व्यवस्था व सुचिता को लेकर भी भर्ती बोर्ड ने पूरी तैयारी की है। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र का जिला परीक्षा की तिथि से 10 दिन पूर्व तथा परीक्षा केंद्र का नाम-पता तीन दिन पूर्व भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा। अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्र पंजीकरण पोर्टल पर तीन दिन पूर्व प्रदर्शित किये जाएंगे।

आधार कार्ड लाना होगा अनिवार्य

भर्ती बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि आनलाइन लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को पहचान पत्र के रूप में मूल आधार कार्ड/ई-आधार कार्ड तथा उसकी एक छायाप्रति साथ लानी होगी। छायाप्रति परीक्षा केंद्र पर जमा की जाएगी। पहचान पत्र के रूप में केवल आधार कार्ड ही स्वीकार होगा।

किसके कितने पद

उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस (पुरुष व महिला) के 9027 पद
प्लाटून कमांडर पीएसी के 484 पद
अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 23 पद