महंगाई का डबल डोज: पेट्रोल-डीजल के बाद बढ़े रसोई गैस के दाम

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मंगलवार की सुबह आम लोगों के लिए झटका देने वाला रहा। सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 80 पैसे की बढ़ोतरी के बाद रसोई गैस की कीमतों में भी 50 रुपये की वृद्धि कर दी गई है। यानी कि 14.2 kg सिलेंडर के लिए दिल्ली में 949.50 रुपये भुगतान करने होंगे।

 

शहर पहले अब
दिल्ली 899.50 रुपये 949.50 रुपये
मुंबई 899.50 रुपये 949.50 रुपये
लखनऊ 937.50 रुपये 987.50 रुपये
कोलकाता 926.00 रुपये 976.00 रुपये
चंडीगढ़ 909.00 रुपये 959.00 रुपये
पटना 989.50 रुपये 1039.50 रुपये
शिमला 945.00 रुपये  995.00 रुपये
देहरादून 918.00 रुपये  968.00 रुपये
भोपाल 905.00 रुपये  955.00 रुपये
जयपुर 903.00 रुपये  953.00 रुपये

एक और एग्जिट पोल ने बढ़ाई अखिलेश की उम्मीदें, सपा की बन रही सरकार

यूपी चुनाव को लेकर सोमवार को 12 अलग-अलग न्यूज चैनलों और एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी किए थे। इनमें से 11 सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया कि सूबे में फिर से भाजपा सरकार बन सकती है। सिर्फ देशबंधु के एग्जिट पोल में कहा गया कि समाजवादी पार्टी गठबंधन की सरकार बनने जा रही है।

वहीं अब एक और सर्वे में राज्य में सत्ता परिवर्तन का अनुमान लगाया गया है। इस सर्वे में भी समाजवादी पार्टी की सरकार बनती दिख रही है। 4-पीएम और द पॉलिटिक्स डॉट इन के सर्वे का अनुमान है कि राज्य में इस बार अखिलेश यादव सरकार बनाने में कामयाब हो जाएंगे। सर्वे के मुताबिक, समाजवादी पार्टी को 238 सीटें मिल सकती हैं, वहीं भाजपा के खाते में 157 सीटें जाएंगी। बसपा को छह और कांग्रेस को एक सीट मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में भी एक सीट जा सकती है।

सर्वे का अनुमान है कि 2017 के मुकाबले भाजपा का वोट शेयर भी घट जाएगा। 2017 में भाजपा को 39.67% वोट मिले थे, जो इस बार घटकर 32% रह जाएगा। वहीं, सपा का वोट शेयर 21.82% से बढ़कर 41% तक पहुंचने की अनुमान है। फ

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BREAKING: प्रयागराज में मतदान के बीच बम धमाका

यूपी के प्रयागराज जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पांचवें चरण में करेली में 12 सीटों पर वोटिंग हो रही है। इसी बीच बम धमाके में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जाता है युवक ने साइकिल पर बम टांग कर रखा था। इसी दौरान धमाके में वो घायल हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच तक रही है।

क्या है पूरा मामला?

डीजी प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश के मुताबिक, रामगढ़ कोरांव के रहने वाले 2 युवक संजय और अर्जुन साइकिल से कहीं जा रहे थे, इस बीच साइकिल गिरने से विस्फोट हो गया. साइकिल पर एक थैला टंगा हुआ था, जिसमें यह विस्‍फोटक था. उन्‍होंने कहा कि इसमें अर्जुन पुत्र बाबूलाल की मौत हो गयी है, तो दूसरा युवक घायल है, जिसे पकड़ लिया गया है.

हर साल MBBS करने यूक्रेन क्यों जाते हैं भारतीय छात्र?

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यूक्रेन में करीब 18,095 भारतीय छात्र फंसे हुए थे। इनमें से कुछ ही भारत लौट पाए हैं, जबकि अभी भी करीब 15 हजार छात्रों को वहां से निकालने के प्रयास जारी हैं। लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर हर साल MBBS करने यूक्रेन क्यों जाते हैं भारतीय छात्र?

तो बता दें यूक्रेन में मेडिकल पढ़ाई का खर्च भारत के निजी कॉलेजों के अपेक्षा आधे से भी कम आता है। जहां भारत के सरकारी कॉलेजों में सालाना मेडिकल पढ़ाई का खर्च करीब ढाई से तीन लाख रुपए पड़ता है। वहीं, भारत के प्राइवेट कॉलेजों में पांच साल की मेडिकल पढ़ाई का खर्चा करीब 75 लाख से 80 लाख रुपए तक होता है।

वहीं, यूक्रेन में MBBS की पढ़ाई की फीस सालाना दो से चार लाख रुपए के बीच होती है। यानी पांच साल की पूरी पढ़ाई का खर्च तकरीबन 25 लाख से 30 लाख रुपए तक पड़ता है।

भाजपा और सपा ने जारी की घोषणा पत्र, देखें क्या किए गए हैं वादे

भाजपा ने अपने इस मेनिफेस्टो को लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 नाम दिया है।
लोक प्रतियोगी परीक्षा के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा
2 करोड़ टैबलेट या स्मार्टफोन बांटने का वादा
सभी ग्राम पंचायत में जिम व खेल मैदान
लाइफ सपोर्ट से लैस एंबुलेंस की संख्या को डबल करने की बात
घोषणा पत्र में किसानों के लिए क्या
  • भाजपा के संकल्प पत्र में 5 हजार करोड़ की लागत से कृषि सिंचाई योजना की बात कही गई है।
  • सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली
  • गन्ना किसानों को 14 दिन के अंदर भुगतान और देरी पर ब्याज सहित भुगतान
  • 25 हजार करोड़ की लगात से सरदार पटेल एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन
  • आलू, टमाटर, प्याज जैसी सभी फसलों पर MSP देने के लिए 1 हजार करोड़
  • निषादराज बोट सब्सिडी योजना का ऐलान
महिलाओं के लिए संकल्प पत्र में क्या
  • कॉलेज जाने वाली सभी महिलाओं को मुफ्त स्कूटी देने का वादा
  • मिशन पिंक टॉयलेट के लिए 1000 करोड़ का ऐलान
  • हर विधवा और निराश्रित महिला को 1500 रुपये हर महीने पेंशन
  • उज्जवला के सभी लाभार्थियों को होली और दीपावली में 2 एलपीजी सिलेंडर मुफ्त
  • कन्या सुमंगला योजना में मिलने वाली राशि को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया जाएगा
  • गरीब परिवार की बेटियों के विवाह के लिए 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद
  • 3 नई महिला बटालियन का गठन
  • सभी सार्वजनिक स्थानों और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा के लिहाज से CCTV कैमरे
  • 3000 पिंक पुलिस बूथ का निर्माण
  • 1 करोड़ महिलाओं की आत्मनिर्भरता को लेकर 1 लाख रुपये तक का न्यूनतम दर पर लोन
  • UPPSC समेत सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं की संख्या दोगुनी करने का वादा
  • 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा
  • महिला एथलीटों को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता

वहीं समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के लिए अपना वचन पत्र जारी किया है। इसके तहत दोपहिया वाहन वालों को हर महीने एक लीटर पेट्रोल मुफ्त देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही इसमें BPL को हर साल दो सिलेंडर मुफ्त, हर जिले में मॉडल स्कूल, 12वीं पास छात्रों को मुफ्त लैपटॉप, पुरानी पेंशन योजना बहाली, KG से PG तक लड़कियों की शिक्षा मुफ्त, महिलाओं को सरकारी नौकरी में 33 फीसदी आरक्षण जैसी बड़ी घोषणाएं शामिल हैं।

सपा का घोषणा पत्र, जानें प्वाइंट टू प्वाइंट

* सभी किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली
* किसान आंदोलन में शहीद किसानों के परिजनों को 25 लाख का मुआवजा
* BPL परिवार को 2 LPG सिलेंडर फ्री
* महिलाओं को सरकारी नोकरी में 33% आरक्षण
* केजी से पीजी तक बेटियों की शिक्षा फ्री
* समाजवादी पेंशन फिर होगी शुरू

चुनावी त्योहार में एक सवाल ऐसा भी, जो ज्यादातर लोगों ने पूछा

यूपी में चुनाव का त्योहार चल रहा है। ऐसे में गांव-शहर में घूमते हुए इन दिनों डिजिटल करेंसी की भी बहुत चर्चा हो रही है।  ज्यादातर लोगों को अभी इसका न तो मतलब पता है और न तो ये कैसे काम करता है उसके बारे में पता है।

कुछ तो ऐसे भी लोग मिले जो सीधे हमसे ही सवाल पूछ लिए- कहो गुरु इ डिजिटल करेंसी का हौ हो?  (local language), तो आज हम इस खबर के माध्यम से आपको आसान शब्दों में डिजिटल करेंसी के बारे में समझाने की कोशिश करेंगे।

क्या है डिजिटल करेंसी (what is digital currency in hindi)

क्रिप्टो करेंसी दरअसल, वित्तीय लेन-देन का एक जरिया है। बिल्कुल भारतीय रुपए और अमेरिकी डॉलर के समान, अंतर सिर्फ इतना है कि यह आभाषी है और दिखाई नहीं देती, न ही आप इसे छू सकते हैं। इसलिए इसे डिजिटल करेंसी भी कहते हैं।

इसका पूरा कारोबार ऑनलाइन माध्यम से ही होता है। जहां एक ओर किसी भी देश की करेंसी के लेन-देन के बीच में एक मध्यस्थ होता है, जैसे भारत में केंद्रीय बैंक, लेकिन क्रिप्टो के कारोबार में कोई मध्यस्थ नहीं होता और इसे एक नेटवर्क द्वारा ऑनलाइन संचालित किया जाता है। यही कारण है कि इसे अनियमित बाजार के तौर पर जाना जाता है, जो पल में किसी को अमीर बना देता है और एक झटके में उसे जमीन पर गिरा देता है। लेकिन बावजूद इस उतार चढ़ाव के इसको लेकर लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है।

आसान भाषा में समझें तो क्रिप्टो करेंसी एक प्रकार की डिजिटल कैश प्रणाली है, जो एक निजी कंप्यूटर चेन से जुड़ी हुई है और कंप्यूटर एल्गोरिदम पर बनी है। इस पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। इसकी लोकप्रियता में इस कदर इजाफा हो रहा है कि कई देश इसे लीगल कर चुके हैं। (what is digital currency in hindi)

कैसे होता है इसका उपयोग

क्रिप्टो करेंसी खरीदने के दो जरिए हैं, लेकिन आज सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका इन्हें क्रिप्टो एक्सचेंज के जरिए खरीदना है। दुनिया भर में सैकड़ों क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज काम कर रहे हैं। भारत की अगर बात करें तो यहां पर काम कर रहे वजीरएक्स, जेबपे, क्वाइनस्विच कुबेर, क्वाइन डीसीएक्स गो समेत कई एक्सचेंज संचालित है। इसके अलावा क्वाइनबेस और बिनान्से जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म भी मौजूद हैं, जहां से बिटक्वाइन, इथेरियम, टेथर और डॉजक्वाइन समेत दुनिया भर की डिजिटल मुद्राएं खरीदी जा सकती हैं। (what is digital currency in hindi)

भारत सरकार ने भी कर ली है बिल पेश करने की तैयारी
गौरतलब है कि भारत में भी क्रिप्टो में निवेश करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 15 मिलियन (1.5 करोड़) एक्टिव उपयोगकर्ता ऐसे हैं जिनका भारत में संचालित किसी न किसी क्रिप्टो एक्सचेंज में पंजीकरण है। यही कारण है कि अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और केंद्र सरकार दोनों सख्त हैं। निजी क्रिप्टो करेंसी पर लगाम कसने के लिए चालू संसद के शीतकालीन सत्र में एक बिल भी पेश होना है। इसके साथ ही आरबीआई ने सरकार को अपनी डिजिटल करेंसी के संबंध में एक प्रस्ताव भी दिया है।

BREAKING: CM योगी के खिलाफ सपा ने किया प्रत्याशी का एलान

गोरखपुर शहर से समाजवादी पार्टी ने बड़ी चाल चल दी है। पार्टी ने इस सीट से सीएम योगी के खिलाफ उपेंद्र शुक्ला की पत्नी शुभावती शुक्ला को टिकट दिया है। उपेंद्र दत्त के पूरे परिवार का सपा में आना काफी मायने रखता है। उपेंद्र दत्त की राजनीति में गोरखपुर का अहम रोल रहा है। वे वहां पर काफी लोकप्रिय माने गए हैं। उनकी वहां पर हमेशा से मजबूत उपस्थिति रही है। शुभावती को टिकट मिलने के अनुमान पहले भी थे।

देखें लिस्ट—

 

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UP ELECTION: इन सीटों पर दिलचस्प मुकाबला, कहीं गुरु-शिष्य तो कहीं दोस्त बने दुश्मन

गांव-देश में एक कहावत कही जाती है कि सियासत में कोई किसी का सगा नहीं होता है। यही वजह है कि चुनाव के दौरान कहीं गुरु-शिष्य आपस में लड़ रहे हैं, तो कहीं चाचा-भतीजा एक दूसरे को ललकार रहे हैं। सीट जीतने के लिए मतदाताओं के बीच एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

आज ऐसी ही कुछ सीटों की बात करेंगे, जहां कहीं दोस्त पर धोखा देने का आरोप लगा रहे हैं, तो कहीं खुद के साथ हुई नाइंसाफी गिना रहे हैं। यहां मुकाबला रोचक है, क्योंकि दोनों एक-दूसरे की चाल को समझते हैं।  दोनों के बीच शह और मात का खेल भी जारी है। up election news

कुंडा विधानसभा क्षेत्र में गुरु-शिष्य आमने-सामने
प्रतापगढ़ जिले के कुंडा विधानसभा क्षेत्र में अभी नामांकन नहीं हुआ है, लेकिन यहां गुरु-शिष्य आमने-सामने होंगे। यहां के विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया अपनी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रितक से मैदान में उतर रहे हैं तो सपा ने गुलशन यादव को मैदान में उतार दिया है। यह वही गुलशन यादव हैं, जिन्होंने राजा भैया की सरपरस्ती में सियासत में कदम रखा।

फिरोजाबाद में दोस्ती अब दुश्मनी में बदली
फिरोजाबाद की सदर सीट से सपा के टिकट पर मैदान में उतरे सैफुर्रहमान और पूर्व विधायक अजीम भाई की दोस्ती अब दुश्मनी में बदल गई है। अजीम की पत्नी साजिया हसन बसपा के टिकट पर मैदान में हैं।

 

लखनऊ की मोहनलालगंज सीट, जहां राजनीति में लाने वाला ही बन गया सियासी दुश्मन
लखनऊ की मोहनलालगंज सीट पर 2017 में सपा का खाता खोलने वाले विधायक अंबरीश पुष्कर ने दो दिन पहले सपा के चिह्न पर नामांकन किया। अगले दिन पुष्कर का टिकट काटकर पूर्व सांसद सुशीला सरोज को मैदान में उतार दिया गया। ऐसे में विधायक पुष्कर ने निर्दल चुनाव लड़ने का फैसला किया है। कभी बीएस-4 के सक्रिय सदस्य रहे अंबरीश पुष्कर को राजनीति में लाने का श्रेय सुशीला सरोज को जाता है।

कन्नौज में गुरु के खिलाफ शिष्य ने ठोकी ताल
कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा सीट पर भाजपा ने विधायक कैलाश राजपूत को मैदान में उतारा है। इनके सामने बसपा से अजय वर्मा ने ताल ठोक दी है। वर्ष 2007 में कैलाश और अजय साथ-साथ बसपा में थे। अजय वर्मा ब्लाॅक प्रमुख भी रहे। लेकिन विधानसभा चुनाव में गुरु के खिलाफ शिष्य ने ताल ठोक दी है।

UP की चुनावी कथा: जब पूर्वांचल की राजनीति में हुई बाहुबलियों की एंट्री

उरई सीट पर दो रिश्तेदारों में चुनावी जंग
जालौन जिले के पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी के परिवार में सियासी जंग शुरू हो गई है। उनकी पत्नी उर्मिला स्वर्णकार ने कांग्रेस के टिकट पर उरई से पर्चा भरा है। इसी सीट पर खाबरी के दूसरे रिश्तेदार श्रीपाल ने बसपा के टिकट पर पर्चा दाखिल कर दिया है।

दो परिवारों की दोस्ती सियासी दुश्मनी में बदली
बांदा जिले के बबेरू विधानसभा क्षेत्र में सपा ने विशंभर यादव को उतारा है। पिछली बार बसपा से चुनाव लड़ने वाली किरन यादव कुछ समय पहले सपा में शामिल हुईं। सपा ने टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय मैदान में हैं।

ललितपुर सीट पर दोनों मौसेरे भाई
ललितपुर सीट पर सपा ने पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा को मैदान में उतारा है। यहां भाजपा ने राम रतन कुशवाहा को मैदान में उतार दिया है। ये दोनों मौसेरे भाई हैँ।

UP में चुनाव प्रचार को आए ओवैसी की कार पर चलीं गोलियां

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि उनके मेरठ से दिल्ली जाते समय रास्ते में छजारसी टोल प्लाजा के पास उनकी गाड़ी पर गोलीबारी हुई है।

ओवैसी ने बताया कि कुछ देर पहले वहां से एडिशनल SP से बात हुई है, उन्होंने कहा है कि एक व्यक्ति पकड़ा गया है, हथियार भी बरामद हुआ है हमारी चुनाव आयोग से गुजारिश है कि इस मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।

 

बहरहाल, पूरे मामले की जांच में पुलिस जुट गई है।

प्रयागराज : नामांकन करने जा रहे योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ पर हमला

यूपी से एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, नामांकन के लिए जा रहे योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह पर एक युवक ने हमले का प्रयास किया। इससे हड़कंप मच गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से ब्लेड और केमिकल बरामद किया गया है।

भाजपा पार्षद अखिलेश सिंह ने बताया कि मौके पर वह भी मौजूद थे। आरोपी युवक सिद्धार्थनाथ तक नहीं पहुंच सका था। सिद्धार्थनाथ अपने कार्यालय से नामांकन के लिए निकल चुके हैं।

ब्लेड और केमिकल बरामद

बताया जाता है कि मंत्री मुंडेरा स्थित अपने कार्यालय पर पहुंचे थे। अभी वह सीढ़ी पर चढ़ रहे थे कि एक युवक उनकी तरफ तेजी से लपका। वह हमला कर पाता कि आसपास मौजूद कार्यकर्ताओं ने उसे दबोच लिया। उसके पास से ब्लेड और केमिकल बरामद किया गया है।