
भदोही DM ने किया राजनीतिक दलों के साथ EVM मशीनों के स्ट्रांग रूम का निरीक्षण

UP Election Date: यूपी में किस चरण में कितनी सीटों पर मतदान
Samachar UP। निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। उत्तर प्रदेश में चुनाव की तारीखों (UP Election Date) के बारे में भी स्पष्ट हो गया है। लोकसभा चुनाव के लिए सात चरण में मतदान होगा। उत्तर प्रदेश में सात चरण में मतदान होगा। 19 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होगा। चार जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे।
UP Election Date
पहला चरण (19 अप्रैल) में आठ सीट पर मतदान: (सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत)
दूसरा चरण (26 अप्रैल) में आठ सीट पर मतदान: (अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा)
तीसरा चरण (सात मई) में दस सीट पर मतदान: (संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला, बरेली)
चौथा चरण (13 मई) में 13 सीट पर मतदान: (शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, धौरहरा, सीतापुर, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर, बहराइच)
पांचवें चरण (20 मई) में 14 सीट पर मतदान (मोहनलाल गंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज, गोंडा)
छठवें चरण (25 मई) में 14 सीट पर मतदान: (सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, इलाहाबाद, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, डोमरियागंज, बस्ती, संतकबीरनगर, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, मछलीशहर, भदोही)
सातवें चरण (एक जून) में 13 सीटों पर मतदान: (महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, रोबर्ट्सगंज)
निर्वाचन आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा करने के बाद सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए। हालांकि, एनडीए में गठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है। जबकि इंडिया गठबंधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच बात बन गई है।
भदोही में एनकाउंटर!
औराई कोतवाली के पुरुषोत्तमपुर गांव में LLB छात्र अमित हत्याकांड में फरार चल रहे तीसरे आरोपी को शनिवार को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद हत्या में इस्तेमाल पिस्टल की बरामदगी के लिए उसे लेकर उक्त स्थान पर पुलिस पहुंची, जहां आरोपी ने पिस्टल उठाकर फायर झोंक दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के पैर में गोली चलाई। उसे इलाज के लिए औराई सीएचसी में पहुंचाया गया है।
गौरतलब है कि बीते सोमवार को LLB छात्र अमित की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में पुलिस ने बीते बुधवार को आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सोने की तस्करी को लेकर हत्या करने की बात सामने आई थी।
मालदीव vs लक्षद्वीप: एक फोटो ने पूरे देश का सिस्टम हिला दिया
ग्रेजुएशन के दौरान पढ़ाया गया था कि एक फोटो 1000 शब्द के बराबर होते हैं, लेकिन एक फोटो कैसे एक देश का पूरा सिस्टम हिला सकता है आज पता चला। यह फोटो किसी और की नहीं बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी की है।
4 जनवरी को पीएम मोदी ने लक्षद्वीप का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की। साथ ही उन्होंने देशवासियों से अपील की विदेशी द्वीप घूमने की जगह एक बार लक्षद्वीप भी आएं। पीएम मोदी के इस पोस्ट से लक्षद्वीप से 750 किमी दूर बसा मालदीव में बवाल मच गया।
मालदीव नेताओं को लगी मिर्ची
मालदीव के नेताओं को पीएम मोदी के इस अपील पर मिर्ची लग गई। उन्होंने मालदीव से भारत का तुलना करने लगे। एक नेता ने लिखा कि मालदीव में जो सुविधा दी जाती है वह लक्षद्वीप में कैसे दे पाएगें। वहीं मालदीव सरकार की मंत्री ने हद पार करते हुए पीएम मोदी पर अपमानजक टिप्पणी कर दी। उन्होंने पीएम मोदी जोकर और कठपुतली करार दिया।
सोशल मीडिया पर शुरू हुआ वॉर
इसके बाद भारत में सोशल मीडिया पर वॉर छिड़ गया। सोशल मीडिया पर #BoycottMaldives ट्रेंड करने लगा। लोग मालदीव का टिकट कैंसल करने लगे। जो आने वाले दिनों में मालदीव जाने वाले थे उन्होंने प्लान कैंसिल कर दिया।
धीरे-धीरे मामला इतना बढ़ गया कि भारतीय सेलिब्रिटिज भी साथ आ गए। सचिन तेंदुलकर, अक्षय कुमार, सलमान खान, जॉन अब्राहम, टाइगर श्रॉफ, श्रद्धा कपूर, जैकलीन समेत तमाम सेलिब्रिटी ने मालदीव के नेताओं की आलोचना कर लक्षद्वीप जाने की बात कही। साथ ही लोगों से भी #ExploreIndianIslands की अपील की। इसका असर ये हुआ कि मालदीव सरकार ने तत्काल प्रभाव से माफी मांगते हुए तीन नेताओं को पार्टी से सस्पेंड कर दिया।
पीएम मोदी की कूटनीतिक चाल
पूरा मामला अब शुरू से समझिए। दरअसल मामले की शुरुआत हुई मालदीव में नई सरकार बनने के बाद से। मोहम्मद मुइज्जू देश के नए राष्ट्रपति बने। मुइज्जू को चीन समर्थक राजनेता के रूप में देखा जाता है। चुनाव से पहले उन्होंने ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था।
सरकार बनते ही मुइज्जू ने सबसे पहले भारत के साथ हाइड्रोग्राफिक सर्वे समझौता रद्द कर दिया। इस समझौते के तहत भारत को मालदीव के क्षेत्रीय जल का हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करने के साथ-साथ चट्टानों, लैगून, समुद्र तट और ज्वार के स्तर का अध्ययन और चार्ट बनाने की इजाजत मिली थी। साथ ही मालदीव सरकार भारत का विरोध करने लगी।
पीएम मोदी का मास्टरस्ट्रोक
कुछ दिन तक मामला चलने के बाद 4 जनवरी को पीएम मोदी अचानक से लक्षद्वीप पहुंचे। वहां से उन्होंने समुद्र के बीच से कई तस्वीरें और वीडियो शेयर कर दिया और लोगों से लक्षद्वीप आने की अपील की। पहले तो लोगों को मामला कुछ समझ नहीं आया, लेकिन एक दिन के बाद अचानक से भूचाल मच गया।
लक्षद्वीप सर्च
पीएम मोदी की अपील से लोगों ने लक्षद्वीप सर्च करना शुरू कर दिया। गूगल पर अगले दो दिन तक सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला कीवर्ड लक्षद्वीप बन गया। धीरे-धीरे मामला तूल पकड़ लिया। मालदीव में इसका विरोध होने लगा। भारतीय पर्यटक मालदीव से ज्यादा लक्षद्वीप को सर्च करने लगे।
लक्षद्वीप से मालदीव केवल 750 किमी की दूरी है। भारतीय पर्यटक ज्यादातर छुट्टियां मनाने के लिए मालदीव का रुख करते हैं। मालदीव की GDP 30 प्रतिशत पर्यटन पर निर्भर है, जिसमें सबसे ज्यादा पर्यटक भारतीय होते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार हर साल करीब 2 लाख भारतीय पर्यटक मालदीव जाते हैं। ऐसे में पीएम मोदी द्वारा लक्षद्वीप आने की अपील से मालदीव का टूरिजम सेक्टर डाउन होने लगा।
भारत बिना मालदीव कुछ नहीं
एक ही दिन में मालदीव से करीब 10 हजार से ज्यादा लोगों ने होटल्स और फ्लाइट्स बुकिंग कैंसिल कर दी। मामला बिगड़ते देख वहां की विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति ने यहां तक कह दिया कि भारत हमारा सबसे अच्छा दोस्त है। जब कभी भी हमपर परेशानी आई है सबसे पहले भारत का साथ मिला है। कोरोना के दौरान भारत द्वारा मदद को भुलाया नहीं जा सकता।
मालदीव के विपक्षी नेताओं ने अपनी सरकार से साफ कह दिया कि यह देश भारत की मदद से बना और बिना उसकी मदद से नहीं चल सकता है। यहां तक कि इब्राहिम मोहम्मद सोलिह सरकार में विदेश मंत्री रहे अब्दुल्ला ने तो यह भी कह दिया कि भारत आजमाया हुआ मित्र है। हम अपना ही नुकसान कर रहे हैं।
B.Ed करने वालों को तगड़ा झटका! प्राइमरी बीएड से बाहर
बीएड और बीटीसी (B.Ed BTC) करने वाले तमाम उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी खबर है। भारत सरकार द्वारा दाखिल की गई एक याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा निर्णय दिया है।
दरअसल बीएड (B.Ed) बनाम बीटीसी डीएलएड (BTC/DElEd) केस में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान उच्च न्यायालय के पुराने फैसले को सही करार दिया है और प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए बीएड करने वाले उम्मीदवारों को अयोग्य करार दिया है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंततः यह निर्णय लिया गया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया था कि बीएड करने वाले उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षकों की दावेदारी से बाहर रहेंगे उसी को अब सुप्रीम कोर्ट ने भी भारत सरकार द्वारा दाखिल की गई याचिका की सुनवाई में जारी रखा है और राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले को कहीं ना कहीं तवज्जो दी है।
बता दें कि बीएड (B.Ed) करने वाले सभी उम्मीदवार अब प्राथमिक विद्यालयों (Primary School) में शिक्षक बनने की दावेदारी से बाहर हो गए हैं और वह प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक नहीं बन पाएंगे। फिलहाल के लिए आगे आने वाली सभी भारतीयों के लिए यह निर्णय मान्य होगा।
NCTE का नोटिफिकेशन, जिससे शुरू हुआ विवाद –
NCTE ने साल 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी कर B.Ed. डिग्रीधारकों को भी REET लेवल प्रथम के लिए योग्य माना था। NCTE ने यह भी कहा था कि अगर B.Ed. डिग्रीधारी लेवल-1 में पास होते हैं, तो उन्हें नियुक्ति के साथ 6 माह का ब्रिज कोर्स करना होगा। NCTE के इस नोटिफिकेशन को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। B.Ed. डिग्रीधारियों ने भी खुद को REET लेवल प्रथम में शामिल करने को लेकर याचिका लगाई। इस पर फैसला नहीं हो पाया। राजस्थान सरकार ने REET 2021 का नोटिफिकेशन जारी किया, तो उसमें B.Ed. डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को इस शर्त के साथ परीक्षा में बैठने दिया कि आखिरी फैसला हाईकोर्ट के निर्णय के अधीन रहेगा।
Alert! तेजी से बढ़ रहे हैं Eye Flu के मामले, जानें लक्षण और ईलाज
मानसून के साथ-साथ बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है। इन्हीं में एक बीमारी है eye flu जो इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है। इस बीमारी में आंखें लाल हो जाती हैं और आंखों में दर्द बढ़ जाता है। देशभर में आई फ्लू के मरीज हर जिले में मिल रहे हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में…
क्या है Eye Flu?
आई फ्लू आंखों को संक्रमित करने वाली ऐसी बीमारी है, जो इन्फेक्शन की वजह से होती है। इस बीमारी में आंख की उस झिल्ली में संक्रमण होता है, जो आंख को ढक कर रखती है। इसे कंजंक्टिवाइटिस या PINK EYE भी कहा जाता है। यह रोग इंफेक्शन पैदा करने वाले वायरस के कारण किसी भी शख्स को हो सकता है। इस बीमारी में आंखों को कभी कभी नुकसान भी पहुंचता है।
Eye Flu के लक्षण
आई फ्लू के लक्षणों की बात करें, तो इस संक्रमण में मरीज की आंखें लाल हो जताई है, आंखों में सूजन हो जाती है, आंखों से लगातार पानी और गंदगी निकलती रहती है, साथ ही आंखों में जलन, चुभन और दर्द होता है। यह संक्रमण कम से कम एक हफ्ते तक बना रहता है।
इस बीमारी से कैसे करें बचाव
- आई फ्लू होने पर आंखों को बार-बार छूने से परहेज करना चाहिए
- स्कूल जाने वाले बच्चों को अगर आई फ्लू हो गया है तो 3 से 5 दिन बच्चों को घर में ही रहने के लिए कहें
- आंखों में कंजेक्टिवाइटिस की दवा डालें और जब इंफेक्शन (Eye Infection) कम होने लगे तब ही घर से निकलें या लोगों से मिलें
- EYE FLU कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है. बहुत गंभीर स्थिति में यह 10 से 14 दिनों या फिर एक महीने तक रह सकता है. बैक्टीरियल पिंक आई इंफेक्शन है तो 10 दिन तक दिक्कत कर सकता है.
- आंखों को बार-बार रगड़ने से परहेज करें. अपने पास साफ टिशू पेपर या रुमाल रखें और आंखों से निकले पानी को उससे साफ करें. आखें रगड़ने से बचें क्योंकि इससे दिक्कत बढ़ सकती है.
- गर्म रुमाल को आंखों पर रखने से आराम मिल सकता है. आंखों में हो रही दिक्कत गर्म सिंकाई से कम होती है.
- आंखों के आस-पास किसी भी तरह का मेकअप करने से बचें. खासकर ब्रश या आइशैडो वगैरह आंखों के पास ना लेकर आएं.
- आंखों की सही तरह से सफाई करना जरूरी है. इसलिए आंखों को गंदे हाथों से बार-बार छूने से भी बचें. रोज नहाएं और आंखों को पानी से साफ करें.
- जिन लोगों को कंजेक्टिवाइटिस है उनके करीब आने से परहेज करें ताकि आपकी आंखें संक्रमित ना हों.
अन्य लोगों की चीजें इस्तेमाल करने से परहेज करें
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है।अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से संपर्क करें।
Sawan 2023: आज से सावन शुरू, ध्यान रखें ये बातें
आज (4 जुलाई 2023) से महापर्व सावन शुरू हो रहा है। इस वर्ष सावन 58 दिनों का होगा। 4 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिक मास रहेगा। इसी कारण से इस वर्ष सावन का महीना 2 महीने का होगा।
सावन माह की प्रमुख तिथियां
इस साल अधिकमास के कारण सावन का महीना 58 दिनों तक चलेगा। 4 जुलाई से सावन का महीना शुरू होकर 31 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान कई त्योहार मनाए जाएंगे। 6 जुलाई को संकष्टी चतुर्थी, 13 जुलाई को कामिका एकादशी, 15 जुलाई को मासिक शिवरात्रि, 17 जुलाई को श्रावण माह की अमावस्या, 19 अगस्त को हरियाली तीज, 21 अगस्त नाग पंचमी, 30 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाएगा।
भोजन करने के दौरान इन चीजों का रखें खास ध्यान
सावन माह में किसी भी व्यक्ति को भूलकर भी मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दौरान इन चीजों का सेवन करने से शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है. सावन माह में लहसून, प्याज और बैंगन खाने से बचना चाहिए.
सावन के महीने में भूलकर भी शराब का सेवन न करें।
- सावन के महीने में अगर संभव हो तो दाढ़ी भी न बनाएं।
- सावन के महीने में घर-परिवार में हर प्रकार के झगड़े विवाद से दूर रहें।
- सोमवार के व्रत को भूलकर भी बीच में न तोड़े। ऐसा करना शास्त्रों में गलत माना गया है। अगर आप पूरे दिन व्रत नहीं कर सकते हैं तो एक समय फलाहार करके करें।
- सावन के महीने में भूलकर भी मांसाहार का प्रयोग न करें।
- सावन के महीने में अदरक, लहसुन और प्याज खाना भी सही नहीं माना जाता है। हो सके तो न खाएं। वहीं पुराणों के अनुसार इस पवित्र महीने में मूली और बैंगन को भी खाना अशुद्ध माना जाता है।
सावन में शिवजी को क्या अर्पित करें और क्या नहीं
शिवजी को प्रसन्न करने के लिए सावन के महीने में जल, बिल्व पत्र, आंकड़े के फूल, धतूरा, भांग, चंदन, शहद, भस्म और जनेऊ भी जरूर चढ़ाएं। वहीं दूसरी तरफ शिव पुराण के अनुसार भगवन शिव को कुछ चीजें नहीं चढ़ानी चाहिए। शिवजी की पूजा में कभी भी केतकी के फूल, तुलसी दल, हल्दी, शंख जल, सिंदूर, कुमकुम, नारियल और टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाना चाहिए।
यूपी में बढ़ रही है ये बीमारी, सावधान रहें
प्रदेश में गर्मी लगभग अपने पीक पर है। यही कारण है कि की बीमारियों का भी आगमन हो गया है। बीते कुछ दिनों में की जिलों में डायरिया ( Diarrhea ) से ग्रस्त मरीजों की शिकायत मिली है। ताजा मामला मुरादाबाद और बरेली से सामने आया है। यहां दर्जनों मरीज डिहाईड्रेशन डायरिया के पाए जा रहे हैं।
बरेली में रोजाना बढ़ रहे हैं केस
मुरादाबाद में रोजाना 8-10 मरीज
मुरादाबाद में डिहाईड्रेशन डायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। मरीजों में बच्चों की संख्या ज्यादा है। CMO डॉ एम सी गर्ग ने बताया, “रोजाना 8-10 मरीज भर्ती हो रहे हैं। PHC पर भी डिहाईड्रेशन डायरिया के मरीज आना शुरू हो गए हैं। गर्मी को देखते हुए हमे इसकी संभावना पहले से थी सभी व्यवस्थाएं कर रखी हैं। जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
डायरिया से कैसे बचें
- शुद्ध पानी पीएं
- अच्छी तरह पका हुआ खाना खाएं
- ताजा पके हुए गर्म खाने का सेवन करें
- कच्चे भोजन का सेवन करने से बचें
- बाहर का खाना खाने से बचें
- चाय, कॉफी, सोडा, चॉकलेट आदि के सेवन से बचें
- बार-बार हाथ धोएं और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें
- बचे हुए खाने को तुरंत फ्रिज में रख दें
