LOVE करने से घटता है वजन, यकीन नहीं हो रहा तो इसे पढ़िए !

जरा हटके:- प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है…. ‘ LOVE ‘ में लोगों को नींद नहीं आती, भूख और प्यास नहीं लगती. लेकिन  क्या आपको पता है प्यार करने से आपका वजन कम हो सकता है. जी हाँ, हम कोई मजाक नहीं कर रहे!

अब यह बात वैज्ञानिक तरीके से सिद्ध भी हो चुकी है. तो अगर आप भी अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं तो प्यार में पड़के अपना वजन घटाएं. जाने कैसे-

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डेली मेल में छपी एक खबर के अनुसार, हाल ही वैज्ञानिकों ने एक शोध किया है जिसके अनुसार प्यार की भावना आपके वजन को कम करती है. प्यार में वजन कम होना एक तरह का दिमागी खेल है.

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1.दरअसल, जब किसी को प्यार होता है तो उस इंसान के शरीर में डोपामाइन नामक हॉर्मोन बड़ी मात्रा में निकलती है.इस कारण लोग खुश रहते हैं और आपको तो पता ही है कि खुश रहने से कितनी बिमारी दूर हो जाती है.

2. जब कोई प्यार में होता है तो उसके शरीर में लव हॉर्मोन यानी फेनिथिलामाइन निकलती है. इस हॉर्मोन से एक तो भूख कम लगती है जिस कारण आपकी चर्बी कम होती है. दूसरी बात यह कि फेनिथिलामाइन आपके दिमाग में दुविधा की स्थिति पैदा करता है.

इस कारण प्यार में पड़ें लोग हर बात को लेकर कन्फ्यूज्ड और एक्टिव रहते हैं.यह दुविधा फैट बर्न करने में कारगर साबित होती है.

3.इन सबके के अलावा मोहब्बत में नोरपाइनेफ्रिन हॉर्मोन निकलता है. यह हॉर्मोन भी आपके चर्बी को कम करता है.

क्या था शोध

इस शोध में वैज्ञानिकों ने 25 जोड़ों का निरिक्षण किया. उनकी नियमित गतिविधियां और वजन को पुरे दो महीने तक निरिक्षण करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि प्यार में होने से लोगों का वजन कम हो जाता है.

(साभार- जनसत्ता)

​दर्दनाक:- बेटे के इंतेजार में फ्लैट से माँ का मिला सड़ा हुआ कंकाल…

 

मुंबई:- एक बच्चा जब पैदा होता है तो उसकी माँ , ‘माँ’ शब्द सुनने के लिए महीनों तक इंतज़ार करती है,  फिर अपनी पूरी जिंदगी एक नन्ही सी जान पर कुर्बान कर देती है. ‘माँ’ केवल ‘माँ’ नहीं होती वो अपने बच्चों के लिए कवच समान होतीं  है. धुप हो या बारिश हर जगह छाँव बनकर बेटे के साथ रहती है. लेकिन जो ये  मामला सामने आ रहा है उसे पढने के बाद आपके आँख में आँसू ला देगा.

ये घटना है मुम्बई के ओशिवारा स्थित फ्लैट की. जहाँ एक ‘माँ’ बरसों से अपने बेटे को देखने के इंतेजार में कंकाल बन गयी. ये औरत कोई और नहीं  उसी फ्लैट की मालकिन हैं, जिनका नाम आशा केदार है जो अपने बेटे के इंतेजार में अकेलापन की शिकार हो गयी थी और बाद में उन्हें ऐसी दर्दनाक मौत मिली. मौत के दौरान मृतिका की उम्र मात्र 63 वर्ष थी.

20 साल से कर रही थी बेटे का इंतेजार-

आशा केदार सहानी अँधेरी के लोखंडवाला इलाके में वोल कॉस्ट सोसाइटी की एक इमारत की 10वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में रहती थीं. साल 2013 में उनकी पति की मौत हो गयी. बेटा ऋतुराज सॉफ्टवेयर इंजीनियर था. साल 1997 में उसकी नौकरी अमेरिका में लगी थी. तभी वह अमेरिका जाकर बस गया था. अपनी ‘माँ’ से मिलने वापस भारत कभी नहीं आया. अंतिम बार फ़ोन पर भी बात बीते साल के अप्रैल महीने में किया था.

मुम्बई में ठहरी अकेली ‘माँ’ अकेलेपन का शिकार हो चुकी थी. उन्हें ओल्ड एज होम जाने की इच्छा थी पर ‘माँ’ की इच्छा कभी बेटे के कान तक पहुँची ही नहीं.
पूरा सड़ चूका था शरीर

जब बेटे को अपनी गलती एहसास हुआ तब उसे तनिक भी अंदाजा नहीं था कि आखिर उसकी’माँ’ के साथ हुआ क्या है. बीते 6 अगस्त को ऋतुराज अपनी ‘माँ’ से मिलने पंहुचा. देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब किसी ने दरवाजा नहीं खोला तब बेटे को किसी अनहोनी का एहसास होने लगा था. दरवाजा तोड़कर जब वह अंदर गया तो देखा उसकी ‘माँ’ का सड़ा हुआ कंकाल बेड पर पड़ा हुआ है.

हुई है नेचुरल डेथ

पुलिस ने बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस का मानना है कि महिला की मृत्यु बीते सप्ताह भूख और कमजोरी के कारण हुई है. उन्होंने आशंका जताया है कि ये मौत नेचुरल है क्योंकि शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है. हालाँकि, सही जानकारी पोस्टमार्टम के रिपोर्ट आने के बाद ही मिलेगी.

12 करोड़ की थी सम्पत्ति

छानबीन के दौरान पुलिस को यह मालूम चला है कि महिला के नाम पर बेलस्कोट टावर में 6 करोड़ के दो फ्लैट थे.

​यहाँ के पुरुष गड़ी हुई महिलाओं के लाश से करते हैं शादी !

एक जिन्दा इंसान और मुर्दे की शादी…! ऐसा अक्सर हॉरर फिल्मों या टीवी शोज़ में देखने के लिए मिलता है. पर अब यह बात असल दुनिया की सच्चाई बन चुकी है. जी हां, हम बात कर रहे हैं एक ऐसे जगह की जहाँ के पुरुष महिलाओं के लाश को पहले कब्र से निकलते हैं और फिर उससे शादी रचाते हैं. जानिये  इस आश्चर्यजनक घटना को-

जिन्दा लड़का और मरी हुई लड़की की शादी… सुनकर तो आश्चर्य लगता है ही. पर अंधविश्वास के आड़ में की जा रही ये शादी असल दुनिया की है. अंधविश्वास का नाम सुनते ही अधिकांश लोगों के ज़हन में भारत का नाम आता है क्योंकि यहीं अन्धविश्वास ने अपना डेरा जमाया हुआ है. पर आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि ये अंधविश्वास चीन जैसे विकशित देश में हो रहा है. (ये भी पढ़ें:- क्या सच में 12 अगस्त को रात नहीं होगी, जानिए इसपर क्या है नासा की राय)

क्या है पूरी घटना

 

यह पूरी घटना चीन के तिनजिन शहर की है. यहाँ के कुँवारे लड़के शादीशुदा औरतों के लाश से शादी कर रहें हैं. इस शहर की मान्यता है कि अगर मृतक कुँवारे लड़के की किसी शादीशुदा महिला की लाश से शादी करा दी जाए तो अगले जनम में उन्हें कुंवारा नहीं रहना पड़ेगा. चीन के इस शहर में कुंवारा मर जाना किसी अभिशाप से कम नहीं है. (ये भी पढ़ें:- क्या सच में 12 अगस्त को रात नहीं होगी, जानिए इसपर क्या है नासा की राय)

ऐसी होती है शादी

इस अनोखी शादी में ना बारात होती है और ना ही सात फेरे. इसमें बस मृतिका की लाश को कब्र से निकालकर कुँवारे मृतक के कब्र के पास गाड़ दिया जाता है. मृतक लड़के के परिवार वाले पहले तो मोटी रकम में महिला की लाश खरीदते हैं और फिर विधि-विधान से उसे दफनाते हैं.

पिछले साल ऐसे अनेकों मामले पुलिस ने दर्ज किया था. जब पुलिस ने छानबीन की तो इस पुरे अंधविश्वासी खेल का पता चला.

​अगर आप भी डाइटिंग करने जा रहे हों, तो ये रिपोर्ट जरूर पढ़ें

 

SamacharUP- आज के ज़माने में अगर किसी का दो किलो वजन भी बढ़ जाता है तो लोग परेशान हो जाते हैं और तुरंत ही इन्टरनेट पर डाइटिंग प्लान और टिप्स गूगल करने लगते हैं. इस मामले में लड़कियां तो लड़कों से काफी आगे हैं. आजकल की लड़कियां काफी फिगर कॉन्सियस होती हैं. अपने बॉडी फिगर और डाइटिंग को लेकर वो काफी जागरूक होती हैं.अपने बॉडी शेप को मेन्टेन करने के वे अलग अलग तरीके आजमाती हैं जिसमें से सबसे आम उपाय डाइटिंग है.

तो डाइटिंग करने वाले सावधान हो जायें, कहीं आपका हाल भी कुछ ऐसा ना हो जाये.पढिये ये रिपोर्ट-

PC-Google
  •                     नाम- वलेरिया लेविटिन
  •                     उम्र- 39 वर्ष
  •                     हाइट- 5 फुट 8 इंच
  •                     वजन- 25 किलोग्राम

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चौकिये मत!  हम आपको कोई कहानी नहीं बल्कि एक खौफनाक असलियत बताने जा रहे हैं. वलेरिया लेविटिन, जिनका वजन मात्र 25 किलोग्राम है,वो बचपन से ही ऐसी नहीं थी और ना ही उनको कोई अनुवांशिक बिमारी है. अब सवाल तो यह खड़ा होता है कि आखिर इनका ऐसा हाल हुआ कैसे? तो हम आपको बताते हैं कि इनका ऐसा हाल डाइटिंग ने किया है.

वलेरिया इस दुनिया की सबसे पतली लड़की है. उन्हें एनोरेक्सिया नामक एक गंभीर बीमारी है.यह बिमारी जरुरत से ज्यादा भूखे रहने के कारण होती है. वलेरिया अब दूसरी लड़कियों को इस बिमारी के विषय में जागरूक करती हैं. अपने एक इंटरव्यू में वलेरिया ने कहा,”मुझे हरदिन कई लड़कियों के मेल आते थे. ये लडकियां मेरे जैसा फिगर पाना चाहती थी और इसी विषय में वो मुझसे सुझाव मांगती थी.तभी मैंने ये ठाना कि मैं लोगों को एनोरेक्सिया के विषय में जागरूक करूंगी.”

कौन है वलेरिया लेविटिन

PC-Google
  •  वलेरिया रूस की रहने वाली हैं.
  • वे जब युवा थीं तो वो अपने जिंदगी में एक कामयाब मॉडल बनना चाहती थी. मगर दूसरे लोग उन्हें मोटा कहकर बुलाते थे.
  • वलेरिया के मन में इस बात ने अपना घर बना लिया कि बहुत मोटी है जिस कारण वो एक मॉडल नहीं बन सकती.
  •  अपनी इसी कमी को हटाने के लिए वलेरिया ने डाइटिंग की शुरुआत की.
  • डाइटिंग की लत ऐसी लगी कि उन्हें पता ही नहीं चला कि कब उन्हें एनोरेक्सिया जैसी गंभीर बिमारी हो गयी.
  • एनोरेक्सिया के कारण ही उनके शरीर का ये हाल हुआ.

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क्या है एनोरेक्सिया

  • एनोरेक्सिया एक ईटिंग-डिसऑर्डर बिमारी है. ज्यादा भूखे रहने और डाइटिंग करने से ये बिमारी होती है.
  • जो लोग खुद को पतला करने के लिए डाइटिंग या भूखे रहते हैं उन्हें ये बिमारी होने की ज्यादा संभावना होती है.
  • लोग अपने वजन को घटाने में इतने खो जाते हैं कि उनके दिमाग को यह पता ही नहीं चल पाता की वे एनोरेक्सिया जैसी गंभीर के शिकार हो चुके हैं.

(साभार- द मिरर)

चंडीगढ़ छेड़छाड़ मामले में राहुल गाँधी का बड़ा बयान, “बीजेपी सरकार दोषियों को…!”

हरियाणा:- बीते कुछ दिन पहले हरियाणा से एक मामला सामने आया था जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास और साथ में उसके दोस्त आशीष कुमार को कथित तौर एक महिला का पीछा करने के लिए गिरफ्तार किया गया था, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। (ये भी पढ़ें:- मुलायम ने किया बड़ा खुलासा, मुख्यमंत्री बनने के लिए रोये थे नीतीश !)

राहुल गाँधी का बयान:- 

जिसको लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास और आशीष कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. राहुल गाँधी ने ट्वीट करते हुए कहा “चंडीगढ़ में लड़की का अपहरण और उससे छेड़छाड़ करने के प्रयास की निंदा करता हूँ. बीजेपी सरकार को दोषियों को दंडित करना चाहिए न की दोषियों और उस मानसिकता के लोगों से मिलीभगत करनी चाहिए.

( ये भी पढ़ें – इस रिपोर्ट के बाद नीतीश कुमार की बढ़ी मुसीबत, हो रही इस्तीफे़ की मांग…)

 

​जानिये टॉप 5 बेस्ट कैमरा फ़ोन्स और उनके फीचर्स…

गैजेट्स:- बेस्ट कैमरा फ़ोन्स और सेल्फीज़ आज हमारे लिए इतनी जरुरी हो गयी है कि लगता है जल्द ही हमारे स्कूल की किताबों में जीने के लिए तीन जरुरी चीजों के जगह पांच जरुरी चीज़ों का नाम होगा- रोटी,कपड़ा, मकान, सेल फोन्स और सेल्फीज़!

खैर, जब भी हम नए फ़ोन खरीदने के लिए जाते हैं तो फ़ोन के अलग-अलग फ़ीचर्स में से सबसे पहले कैमरा क्वालिटी ही चेक करते है. तो हम लाये हैं आपके के 5 ऐसे बेस्ट कैमरा फ़ोन्स आपको कभी भी नाराज नहीं करेंगे. ( ये भी पढ़ें:- पुलिस भर्ती के लिए इससे अच्छा मौका कभी नहीं मिलेगा, जल्द करें आवेदन!)

 

1. मोटो जी- 5 प्लस

 

  • रैम और स्टोरेज-  3 और 4 जीबी, 16 और 32 जीबी
  • डिस्प्ले- 5.2 ( 1080 x 1920)
  • प्रोसेसर- 2 Ghz, ओक्ता
  • ऑपरेटिंग सिस्टम- एंड्राइड
  • प्राइमरी कैमरा- 12 mp
  • फ्रंट कैमरा- 5 MP
  • बैटरी-3000 mAH

( ये भी पढ़ें :- कैट 2017 का आया नोटिफिकेशन, यहाँ पढ़ें पूरी जानकारी)

2. नूबिया Z11 मिनी

 

  • रैम और स्टोरेज- 3 GB | 32 GB
  • डिस्प्ले- 5 (1080x 1920)
  • प्रोसेसर- 1.5 GHz, ऑक्टा
  • ऑपरेटिंग सिस्टम- एंड्राइड
  • प्राइमरी कैमरा- 16 MP
  • फ्रंट कैमरा- 8 MP
  • बैटरी- 2800 mAH

 

3. कूलपैड कूल 1

 

  • रैम और स्टोरेज-  3 और 4 GB | 32
  • डिस्प्ले- 5.5 (1080x 1920)
  • प्रोसेसर- 1.8 GHz, ऑक्टा
  • ऑपरेटिंग सिस्टम- एंड्राइड
  • प्राइमरी कैमरा- 13 MP
  • फ्रंट कैमरा- 8 MP
  • बैटरी- 4060 mAH

 

4. जिओनी A 1

 

  • रैम और स्टोरेज- 4 GB | 64 GB
  • डिस्प्ले- 5.5 ( 1080 x 1920)
  • प्रोसेसर- 2 GHz, ऑक्टा
  • ऑपरेटिंग सिस्टम- एंड्राइड
  • प्राइमरी कैमरा- 13 MP
  • फ्रंट कैमरा- 16 MP
  • बैटरी- 4010 mAH

( ये भी पढ़ें- (आखिर क्यों अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है फ्रेंडशिप डे ?)

5. ओप्पो F 3

 

  • रैम और स्टोरेज- 4 GB| 64 GB
  • डिस्प्ले- 5.5 ( 1080 x 1920)
  • प्रोसेसर- 1.5 GHz, ऑक्टा
  • ऑपरेटिंग सिस्टम- एंड्राइड
  • प्राइमरी कैमरा- 13 MP
  • फ्रंट कैमरा- 16 और 8 MP
  • बैटरी- 3200 mAH

( साभार- डिजीट. इन)

पुलिस भर्ती के लिए इससे अच्छा मौका कभी नहीं मिलेगा, जल्द करें आवेदन!

शिक्षा नौकरी:- अगर आप पुलिस भर्ती के आवेदन के लिए इच्छुक हैं  तो आपके लिए एक बेहतरीन मौका आया है,  दरअसल हाल ही में यूपी पुलिस 12वीं पास के लिए कई पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, इसके लिए विज्ञापन जारी किया गया है। (ये भी पढ़ें:- आखिर क्यों अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है फ्रेंडशिप डे ?)

यहाँ पढिये पूरी जानकारी:-

ऐसे करें आवेदन-

अगर आप भी पुलिस भर्तियाँ देखते रहते हैं तो आप इसका आवेदन कर सकते हैं, उम्मीदवार सम्बन्धित वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को भर सकते हैं. इसके बाद उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सहेज कर रख लें. ( ये भी पढ़ें :- ​तलाक के पैसो पर ऐश करने के लिए ट्रोल हुई मलाइका अरोड़ा..!)

अधिक जानकारी के लिए यूपी पुलिस पर जा सकते हैं।

बॉर्न लीडर होते हैं इन 4 राशि के लोग

Rashifal today in hindi:- ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां सौर मंडल के 9 ग्रहों को दर्शाती है. ज्योतिषी में राशियों को काफी महत्वपूर्ण माना गया है.ऐसा माना जाता है हर राशि के खुद के कुछ गुण होते हैं. ये राशि गुण अपने स्वामी ग्रहों से प्रभावित होते हैं.

ज्योतिषियों के अनुसार, एक जातक के निजी गुण उसके जन्म के समय तय की गयी राशि से काफी प्रभावित होते हैं. ऐसी ही कुछ राशि है जिसे ज्योतिषी में माना जाता है कि इन राशि में जन्में जातक के अंदर जन्मजात नेतृत्व के गुण होते हैं. तो क्या आपकी राशि भी आपको लीडरशिप का गुण देती है, पढ़ें आगे-

rashifal in hindi

1. मेष राशि

जिन जातकों की राशि मेष होती है उन्हें मेहनती और बुद्धिमान माना जाता है. इन दो गुणों के मिश्रण के कारण मेष राशि के लोग एक सफल लीडर होते हैं. ये बात करने में काफी अच्छे होते हैं और अंजान लोगों से भी जल्द ही घुल-मिल जाते हैं. ये लीडर अपने प्रसिद्धि और आत्मविश्वास के कारण होते हैं.

 ये हैं मेष राशि के ‘ बॉर्न-लीडर्स ‘

 

लैरी पेज (गूगल को-फाउंडर), बी.आर.अम्बेडकर, अडोल्फ हिटलर, थॉमस जेफ़र्सन ( यूएसए के तीसरे राष्ट्रपति)

2. वृषभ राशि- 

इस राशि के जातकों के अंदर एक विशेष तरह के नेतृत्व के गुण होते हैं. ये खुशमिज़ाज व्यक्तित्व के होते हैं. ये काफी हिम्मती और जिम्मेदार होते हैं. इनका राशि स्वामी शुक्र होता है, इसलिये, ये दूसरों का काफी ख्याल भी रखते हैं.

(ये भी पढ़ें:- ​इस रिपोर्ट के मुताबिक ” गंजापन ” है सफलता का राज़, पढ़िए पूरी खबर)

वृषभ राशि के ‘ बॉर्न-लीडर्स ‘

 

मार्क जुकरबर्ग, कार्ल मार्क्स,सद्दाम हुसैन,डेविड बेकहम

3. मकर राशि- 

मकर राशि के लोगों स्वयं को अच्छे से नियंत्रित करते हैं. इसी गुण के कारण वे एक अच्छे और सफल लीडर साबित होते हैं. इनके आस-पास रहने वाले लोग इनसे काफी खुश और संतुष्ट रहते हैं. सभी लोग मकर राशि के जातकों की काफी तारीफ करते हैं. ये जातक सफल होने के लिये आसान रास्ता का चुनाव करते हैं.

( ये भी पढ़ें:- ब्लू व्हेल गेम खेलने के बाद क्यों मर रहे लोंग, जानिए इस रिपोर्ट में)

ये हैं मकर राशि के कुछ ‘बॉर्न-लीडर्स’

 

स्वामी विवेकानंद, जेफ़ बेजोस, रिचर्ड निक्सन, किम जोंग-उन

4. सिंह राशि- 

जिनकी राशि ही सिंह हो, वो भला लीडर्स कैसे ना हो. सिंह राशि का स्वामी सूर्य होता है. इसलिए इन जातकों में सूर्य के जैसी तेज और चमक होती है. इन्हें किसी के ऊपर निर्भर होना बिल्कुल भी पसंद नहीं होता. ये काफी मेहनती और जुनूनी होते हैं और अपनी मेहनत से एक सफल लीडर बनते हैं. rashifal today in hindi

 ये हैं सिंह राशि के ‘बॉर्न-लीडर्स’

 

बराक ओबामा, फिदेल कास्ट्रो,बिल क्लिंटन

 

​कल भूल के भी नहीं करें ये 8 काम, वरना जिंदगी भर पछताना पड़ेगा..!

ग्रहण:- कल यानी रक्षा बंधन के दिन खंडग्रास चंद्रग्रहण लग रहा है. कल के चंद्र ग्रहण का सूतक दोपहर के 1.52 मिनट पर लगेगा. कल रात में 10:53 बजे से 12:52 तक चंद्रग्रहण रहेगा. बड़े- बड़े ज्योतिष ऐसा मानते हैं कि चंद्रग्रहण के दौरान लोगों को कुछ काम नहीं करना चाहिए क्योंकि इन कामों का असर लोगों के जिंदगी पर काफी बुरा पड़ता है.

हम आपको बताने जा रहे हैं वो 8 काम जो आपको चंद्रग्रहण के दौरान करने से बचना है.

1. चंद्र ग्रहण के दौरान खाना नहीं खाएं, इस दौरान खाना बनाने को भी अशुभ माना जाता है. पहले से बने हुए खाने को फेंके नहीं बल्कि उसमें तुलसी का पत्ता डालकर छोड़ दें.( ये भी पढ़े:- ब्लू व्हेल गेम खेलने के बाद क्यों मर रहे लोंग, जानिए इस रिपोर्ट में)

2. ग्रहण काल में स्वस्थ व्यक्ति को सोना नहीं चाहिए. बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिलाओं के लिए इसमें छूट है पर स्वस्थ व्यक्ति को सोने से बचना चाहिए. ज्योतिष के अनुसार इस काल में सोने का मतलब है बिमारियों को आमंत्रण देना.( ये भी पढ़ें:- ​तलाक के पैसो पर ऐश करने के लिए ट्रोल हुई मलाइका अरोड़ा..!)

3. इस काल में पूजा करना भी मना होता है, अगर मंत्र पढ़ना हो तो उसे मन ही मन पढ़ें, मंदिरों के पट भी बंद कर दें.

4. ग्रहण के दौरान किसी की भी निंदा ना करें. दूसरों की बुराई करने से बचें.

5. ज्योतिषियों के अनुसार ग्रहण के समय धरती पर नकारात्मक ऊर्जा काफी बढ़ जाती है. इसलिए इस काल में लोगों को नकारात्मत सोच से बचना चाहिए क्योंकि ऐसी सोच आपके लिए हानिकारक साबित हो सकती है.

6.किसी भी ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को ख़ास ध्यान रखना चाहिए. इस काल ने नकारात्मक ऊर्जा का बढ़ा होना बच्चे और माँ दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है. ऐसे में ग्रहण काल में गर्भवती महिला मन ही मन भगवान को याद करें.

7.गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में घर से बाहर भी नहीं निकलना चाहिए. वे ऐसे कमरे में जाकर बैठें जहाँ चाँद की किरण नहीं पहुँचती हो.

8. चंद्र ग्रहण के दिन किसी भी प्रकार का शुभ कार्य की शुरुआत ना करें.

(source – jansatta)

आखिर क्यों अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है फ्रेंडशिप डे ?

 

फ्रेंडशिप डे :-   हमारे जिंदगी के सबसे ख़ास पल वो होते हैं जिस पल में हमारे साथ कोई ख़ास हो. और अगर ये ख़ास हमारे दोस्त हों तो उस पल में चार चाँद लगने में देर नहीं लगती. सभी के जिंदगी में उनके दोस्तों की एक ख़ास जगह और अहमियत होती है. और अपने जिगरी दोस्तों को उनकी अहमियत जताने का सबसे अच्छा दिन होता है ” फ्रेंडशिप डे”.

इस दिन हम अपने दोस्तों को अलग तरह के कार्ड्स, गिफ्ट्स, चॉकलेट्स देकर या उनके साथ क्वालिटी टाइम बिता कर उन्हें ख़ास होने का एहसास दिलाते हैं. पर, क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर हम ये काम हर साल अगस्त महीने के पहले रविवार को ही क्यों करते हैं?  तो जानिये फ्रेंडशिप डे जैसे खास दिन का खास कारण-(ये भी पढ़ें:- ​इस रिपोर्ट के मुताबिक ” गंजापन ” है सफलता का राज़, पढ़िए पूरी खबर)

82 साल पुराना है फ्रेंडशिप डे

  • फ्रेंडशिप डे की शुरुआत 1935 के अगस्त महीने को हुई थी.
  • दरअसल, प्रथम विश्व युद्ध के बाद अलग- अलग देश आपस में लड़ने लगे थे.
  •  पूरी दुनिया में नफरत फ़ैल रही थी.
  • नफरत फैलना भी जायज़ था क्योंकि पुरे विश्व युद्ध में करीब 18 मिलियन लोगों की जान गयी थी और 23 मिलियन लोग घायल हुए थे.

नफरत था चरम-सीमा पर

  • इस युद्ध के कारण सभी देशों को काफी नुक्सान हुआ था. ( ये भी पढ़ें:- नीता अम्बानी के फ़ोन की कीमत जानकार होश उड़ जाएंगे आपके !)
  • जिस कारण एक देश दूसरे देशों से नफरत करने लगे थे.
  • इस फैलते नफरत को देख अमेरिका ने अलग-अलग देशों के साथ अगस्त महीने के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाया था.
  • तभी से हर साल अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाने की प्रथा शुरू हुई.
  •  इस डे के लिए रविवार दिन का चुनाव करने के पीछे भी एक उद्देश्य था. वो यह कि रविवार को आधिकारिक छुट्टी होती है तो लोग आराम से इस दिन को अपने दोस्तों के साथ एन्जॉय कर सकें.

( source-indiatimes)