कोरोना से बचने के लिए खाने में क्‍या करें शामिल, किससे बनाएं दूरी? WHO ने बताया

देश में कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाने लगा है। कोरोना का नया रूप बहुत संक्रामक है और जरा सी लापरवाही इस महामारी को न्‍योता देने की तरह है।

कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए बार बार हाथ धोना, मास्‍क लगाना और सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करने के साथ इस समय खाने पीने पर भी विशेष ध्‍यान देने की जरूरत है। इस मौसम में अच्‍छ खाना आपकी इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत कर सकता है, जिससे गंभीर बीमारी का खतरा कम हो जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया है कि कोरोना से बचने के लिए किस तरह के खाने का सेवन करना चाहिए। WHO के मुताबिक इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करने के लिए इस समय ताजे फल और अनप्रोसेस्ड फूड का सेवन बेहतर साबित हो सकता है। इसके साथ ही ऐसे खाने का सेवन करना जरूरी है, जिससे विटामिन, मिनरल्स, फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सिडेंट मिल सकें।

इसके साथ ही खाने में खूब सारे फल, सब्जियां, दाल,ओट्स, मक्‍का, बाजारा, ब्राउन राइस और जड़ से जुड़ी सब्जियां जैसे आलू, शकरकंद और अरबी सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है इसके साथ ही मीट, मछली, अंडे और दूध को डाइट में शामिल करना फायदेमंद साबित हो सकता है।

जानें, क्या हैं कोरोना वैक्सीन लगवाने के फायदे

इंडिया में कोरोना वैक्सीनेशन का थर्ड फेज शुरू हो गया है। इस फेज में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को भी वैक्सीन की डोज दी जा रही है। हालांकि, इस बीच कई भ्रम फैलाए जा रहे हैं। तेजी से फैल रही फेक न्यूज और वॉट्सएप यूनिवर्सिटी के ज्ञान के कारण लोग वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं। इन भ्रमों को दूर करने के लिए देशभर के अलग-अलग राज्यों में कई तरीकों से जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आइए जानते हैं वैक्सीन की डोज लेने के क्या हैं फायदे-

विशेषज्ञों के मुताबिक-

1. कोरोना संक्रमित होने पर घर में ही इलाज संभव है।
2. इलाज के लिए वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की जरूरत नहीं।
3. संक्रमित होने के बाद मौत के चांस बेहद कम हो जाते हैं।
4. शख्स की बॉडी में वायरस से लड़ने की क्षमता (Antibodies) विकसित हो जाती हैं।
5. वायरस सिर्फ सर्दी-जुखाम तक सीमित रह जाता है।

कोरोना वैक्सीनेशन अभियान देश का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान है, जिसके तहत अब तक देशभर में 16.50 करोड़ लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। इनमें से 12.66 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिनकी उम्र 45 साल से ज्यादा है। वहीं 18 साल से ज्यादा उम्र वाले 11.81 लाख लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। अब तक 1.59 करोड़ हेल्थ केयर वर्कर्स और 2.13 करोड़ फ्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।

सोमवार से इन 11 और जिलों में 18+ नागरिकों का टीकाकरण होगा शुरू, देखें लिस्ट

लखनऊ: सोमवार से 11 और ज़िलों में 18+ नागरिकों का टीकाकरण शुरू होगा। ज़िलों के नाम अलीगढ़, आगरा, गाजियाबाद, झांसी, मुरादाबाद, सहारनपुर, फिरोजाबाद, मथुरा, अयोध्या, शाहजहांपुर और गौतमबुद्धनगर में शुरू होगा टीकाकरण।

 

हेल्पलाइन नम्बर

 

 

PM मोदी पर सोरेन के ट्वीट से मचा बवाल, लोग बोले ओछी हरकत कर दी आपने

कोरोना महामारी के बीच प्रधानमंत्री समय-समय पर सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से कोरोना की स्थिति का जायजा लेते रहते हैं। गुरुवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री से हुई चर्चा को लेकर एक ट्वीट किया जिससे राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया है। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोरेन के खिलाफ मोर्चा खोलकर उन्हें ओछी हरकत करने वाला करार दिया है।

क्या है पूरा मामला?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की। इसके बाद गुरुवार को झारखंड के मुख्यमंत्री ने इसपर ट्वीट कर के कहा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने फोन किया। उन्होंने सिर्फ अपने मन की बात की, बेहतर होता यदि वो काम की बात करते और काम की बात सुनते। सोरेन के इसी ट्वीट को लेकर बवाल छिड़ गया है।

भाजपा नेताओ ने कुछ इस प्रकार साधा निशाना-

हेमंत सोरेन के इस ट्वीट पर असम सरकार के मंत्री और बीजेपी के नेता हेमंत बिस्वा ने कहा कि आपका यह ट्वीट न सिर्फ़ न्यूनतम मर्यादा के ख़िलाफ़ है बल्कि उस राज्य की जनता की पीड़ा का भी मजाक़ उड़ाना है जिनका हाल जानने के लिए माननीय प्रधानमंत्री ने फोन किया था। बहुत ओछी हरकत कर दी आपने। मुख्यमंत्री पद की गरिमा भी गिरा दी।

बड़ा फैसला: आधी क्षमता के साथ UP में संचालित होंगे निजी सवारी वाहन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 के साथ हुई बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आला अफसरों को दिशानिर्देश जारी किए।

दिव्यांग व गर्भवती महिला कर्मचारी के लिए वर्क फ्रॉम होम

टीम-9 के साथ बैठक करते हुए सीएम ने कोरोना काल के बीच प्रदेश के सभी निजी व सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले बीमार, दिव्यांग कर्मचारी और गर्भवती महिला कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सुविधा देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी सरकारी कार्यालयों के लिए आदेश जारी करते हुए कहा कि सरकारी कार्यालय में 50% कार्मिक क्षमता से ही कार्य लिया जाए, कार्यालय में एक समय मे एक तिहाई से अधिक कर्मचारी कतई उपस्थित न रहें।

आधी क्षमता के साथ संचालित हो सकेंगे निजी सवारी वाहन

कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच प्रदेश में अंतरराज्यीय बस परिवहन को स्थगित किया गया है। लेकिन मरीजों और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए आवागमन करने वाले लोगों को हो रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए निजी सवारी वाहनों को आधी क्षमता के साथ संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

10 मई से 11 जिलों में शुरू होगा टीकाकरण
आगामी 10 मई यानि सोमवार से प्रदेश के 11 जिलों में वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। अभी तक 7 महानगरों में यह टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा था। उन्होंने वैक्सीनेशन को लेकर लोगों में उत्साहवर्धन के लिए जनप्रतिनिधियों को निर्देश देते हुए कहा कि सम्बंधित प्रभारी मंत्री/स्थानीय जनप्रतिनिधि किसी न किसी टीकाकरण केंद्र पर उपस्थित रहें।

रूस ने सिंगल डोज वाली ‘स्पूतनिक लाइट’ वैक्सीन को दी मंजूरी, 80% तक प्रभावी होने का दावा

रूस ने एक खुराक वाली वैक्सीन (सिंगल डोज वैक्सीन) ‘स्पुतनिक लाइट’ को इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। यह जानकारी रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को दी। इस वैक्सीन को बनाने के लिए रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) की ओर से वित्तीय सहायता दी गई है।

आरडीआईएफ ने एक बयान में कहा कि स्पुतनिक लाइट ने दो खुराक वाली स्पूतनिक-वी, जिसका प्रभावकारिता 91.6 फीसदी है, की तुलना में 79.4 फीसदी प्रभावकारिता का प्रदर्शन किया है। माना जा रहा है कि इस वैक्सीन के लाइट वर्जन से टीकाकरण को गति मिलेगी और यह महामारी को फैलने से रोकने में मदद करेगा। आरडीआईएफ ने बताया कि इस एक खुराक वाले टीके की कीमत 10 डॉलर यानी करीब 737 रुपये से भी कम है।

आरडीआईएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किरिल दिमित्रिव ने दावा किया है कि स्पूतनिक लाइट वैक्सीन अस्पताल में भर्ती होने वाले गंभीर मामलों की संभावना को काफी कम कर देता है।  उनका यह भी दावा है कि यह कोरोना वायरस के सभी नए वैरिएंट्स के खिलाफ भी प्रभावी साबित हुआ है।

सीएम योगी का बड़ा फैसला: नॉन कोविड लोगों के लिए कराई जाएगी अलग व्यवस्था

कोरोना जैसी महामारी के आ जाने के बाद बाकी रोगों से ग्रसित लोगों को सही से इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सीएम योगी ने आदेश दिए हैं कि हर जिले में नॉन कोविड मरीजों के लिए एक डेडिकेटेड अस्पताल रखा जाए।

ऐसे मरीजों को फोन पर परामर्श उपलब्ध करवाने के लिए भी कहा गया है, जिसके लिए डॉक्टरों का एक पैनल गठित किया जाएगा। पिछले दिनों कुछ गर्भवती महिलाओँ को भी इलाज न मिल पाने की समस्या सामने आई थी। अब हर जिले में महिला चिकत्सालय को सही से संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन 19 जिलों के डीएम थे मीटिंग में शामिल-

मुख्यमंत्री ने लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, कानपुर गाजियाबाद, फीरोजाबाद, वाराणसी, रायबरेली, मेरठ, मीरजापुर, आगरा, गाजीपुर, बरेली, गोरखपुर, नगर, सुल्तानपुर, , प्रयागराज, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मुरादाबाद और झांसी के जिलाधिकारियों से कोविड संक्रमण से संबंधित जानकारी प्राप्त की। जिसके बाद सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं

CM योगी ने दिए निर्देश, यूपी पंचायत चुनाव के कार्मिकों की हो कोरोना जांच

देशभर में बुरी तरह फैल चुके कोरोना संक्रमण के बीच उत्तरप्रदेश में पंचायत चुनाव खत्म हो चुके हैं। जिसके बाद अब प्रदेश सरकार को कोरोना संक्रमण की चिंता सताने लगी है।

ऐसा देखा गया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी चुनावों में भीड़ इकट्ठा हो रही थी। जीतने वाले प्रत्याशियों ने जुलूस, रैली आदि के माध्यम से अधिक लोगों को इकट्ठा किया था। इसी के चलते सरकार अब चुनाव में शामिल कार्मिकों की कोविड जांच करवाने का मूड बना रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक-

बुधवार को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। उन्होंने चुनाव में शामिल सभी कार्मिकों की कोविड जांच करवाने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही सभी पीएसी वाहिनी, पुलिस लाइन्स आदि में कोविड केयर सेंटर स्थापित करने की बात कही है। फील्ड में तैनात अधिकारियों को स

भदोही जिला पंचायत के 26 वार्डों में BJP को सिर्फ चार वार्डों में मिली जीत

भदोही में जिला पंचायत के 26 वार्डों पर काफी देर से परिणामों की घोषणा की गई। इसमें भारतीय जनता पार्टी के चार प्रत्याशी, सपा समर्थित 10 प्रत्याशी, बसपा के तीन, निषाद पार्टी समर्थित एक और निर्दल 8 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।

इन सभी को प्रमाण-पत्र अपर जिला अधिकारी के द्वारा दिया गया है। वहीं आपको बता दें कि आठ निर्दल प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। इनमें ऐसे भी कई प्रत्यासी हैं जो भारतीय जनता पार्टी से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने उनको टिकट नहीं दिया। उन्होंने पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

भदोही के भाजपा विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी के भतीजे और भाई अनुरुद्ध त्रिपाठी और चंद्र भूषण त्रिपाठी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पाल और अंजनी शुक्ला उनमे शामिल हैं जिन्हें भाजपा ने टिकट नहीं दिया और उन्होंने जीत हासिल की।

परिणामों की घोषणा के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने के लिए जोर आजमाइश का दौर जारी हो गया है। देखना है कि आने वाले दिनों में भदोही जनपद की जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन काबिल होता है।

यूपी: सोमवार तक बढ़ा लॉकडाउन, 10 प्वाइंट में जानिए क्या रहेगा खुला और क्या बंद

कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक बार फिर वीकेंड कोरोना कर्फ्यू का समय बढ़ा दिया गया है। कर्फ्यू को अब 10 मई यानी सोमवार सुबह सात बजे तक बढ़ा दिया गया है। पहले तीन दिन का वीकेंड लॉकडाउन लगाया गया था।
इसके बाद फिर दो दिन का बढ़ाते हुए 6 मई सुबह सात बजे तक कर दिया गया था, लेकिन एक बार फिर इसे बढ़ाते हुए सोमवार सुबह सात बजे तक कर दिया गया है। लिहाजा यूपी में ये पूरा हफ्ता ही अब लॉकडाउन रहेगा।

10 प्वाइंट में जानिए क्या रहेगा खुला और क्या बंद

  1. गुरुवार सुबह से शुरू होकर ये लॉकडाउन सोमवार सुबह तक के लिए बढ़ा दिया गया है
  2. इस दौरान सिर्फ जरूरी सेवाएं जैसे मेडिकल, किराना आदि छोड़कर सभी दुकानें व सेवाएं स्थगित रहेंगी।
  3. पहली बार मास्क न लगाने पर एक हजार रुपये जुर्माना और दूसरी बार भी यही गलती की तो 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।
  4. आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को जारी किए जाएंगे पास।
  5. मॉल, जिम, स्पा और ऑडिटोरियम रहेंगे बंद। रेस्त्रां खुले रहेंगे, लेकिन केवल होम डिलीवरी की अनुमति।
  6. दूसरे राज्यों से आने जाने पर रोक नहीं।
  7. यूपी में शादी समारोह में आयोजन के दौरान सिर्फ 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति। अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोग शामिल हो सकेंगे।
  8. साप्ताहिक बंदी के अलावा पहले से चल रहा रात्रि कर्फ्यू भी यूपी में जारी रहेगा।
  9. 15 मई तक सभी स्कूल बंद रहेंगे, बोर्ड परीक्षाएं भी रद्द।
  10. सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक उत्सव से संबंधित और अन्य भीड़ तथा सभाएं आयोजित नहीं की जाएगी।

दरअसल, पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद उपजे संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा है कि लॉकडाउन का असल मकसद तभी कामयाब होगा जब कोविड प्रोटोकॉल का पूरी सख्ती से कराया जाएगा।