UP ELECTION: चुनाव से ठीक पहले बीजेपी से नाराज निषाद पार्टी, जानें समीकरण

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Nishad party politics history

दल का नाम- निषाद पार्टी

स्थापना- 2016

संस्थापक- डॉ. संजय निषाद

उद्देश्य- एससी आरक्षण

जनाधार- प्रदेश की 160 सीटें

प्रमुख नेता- डॉ. संजय निषाद, प्रवीण निषाद

 

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले सभी दलों मे कश्मकश जारी है। इन्हीं में से एक है निषाद पार्टी। वैसे तो निषाद पार्टी के अध्यक्ष संदय निषाद ने 2022 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के साथ चुनाव लड़ने का एलान तो कर दिया है, लेकिन उनके कार्यकर्ता हैं कि इसे मानने को तैयार नहीं हैं। लिहाजा, इसी कड़ी में सोमवार को पार्टी के सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता ने पार्टी का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। Nishad party politics history

चुनाव से ठीक पहले बीजेपी से नाराज निषाद पार्टी, जानें समीकरण

क्या है निषाद पार्टी की मांग

निषाद पार्टी की प्रमुख मांग है निषादों को अनुसूचित जाति (sc) का आरक्षण मिले। इसी को लेकर 7 जून 2015 को गोरखपुर से सटे सहजनवां के कसरावल में निषादों का बड़ा आंदोलन हुआ। डॉ. संजय निषाद निषादों के बड़े नेता बनकर उभरे। 2016 में पार्टी का गठन हुआ। 2017 में पार्टी ने पहला चुनाव यूपी विधानसभा और 2018 गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव और 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा।  UP election

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160 सीटों पर महत्वपूर्ण भूमिका

उत्तर प्रदेश में निषाद समाज 5 फीसदी के करीब है, जो मल्लाह, मांझी, निषाद, धीवर, बिंद, कहार, कश्यप के नाम से जानी जाती है। यूपी के गोरखपुर, मऊ, गाजीपुर, बलिया, संतकबीर नगर, मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी, इलाहाबाद, जौनपुर, फतेहपुर, सहारनपुर और हमीरपुर जिलों में निषाद वोटर अहम भूमिका में है। यानी कि पूर्वांचल की 60 सीटों पर, जबकि सूबे की 160 सीटों पर निषाद समाज के वोटरों की संख्या चुनाव को प्रभावित करने वाली है। ऐसे में बीजेपी राजभर समाज के बाद निषादों का साथ नहीं छूटने देना चाहती है। Nishad party politics history

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2017 का चुनावी समीकरण

2016 मे आस्तित्व में आई निषाद पार्टी अपना पहला विधानसभा चुनाव 2017 में पीस पार्टी के साथ गठबंधन कर 72 सीटों पर लड़ी। हालांकि, जीत सिर्फ भदोही की ज्ञानपुर सीट पर मिली। बाहुबली नेता विजय मिश्रा ने ये चुनाव जीता था। वहीं, जौनपुर की मल्हानी सीट पर पार्टी तो 48,141 वोट मिले। यहां धनंजय सिंह चुनाव लड़े थे। वह दूसरे स्थान पर रहे। पार्टी को चुनावों में कुल 5,40,539 वोट मिले। पनियरा, कैम्पियरगंज, सहजनवां, खजनी, तमकुहींराज, भदोही और चंदौली में 10 हजार से अधिक वोट पाए।