पर्यावरण दिवस : प्राकृतिक ऑक्सीजन कंटेनर है बरगद का पेड़, जानें और भी महत्व

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पर्यावरण दिवस

पर्यावरण दिवस: कोरोना महामारी ने हम इंसानों को पर्यावरण का महत्व बहुत अच्छे से समझाया है। इस बीमारी में पैदा हुई ऑक्सीजन की समस्या ने लोगों को कहीं न कहीं पेड़ लगाने के लिए जागरुक तो किया ही होगा। आप सब ने अपने आसपास एक विशालकाय प्राकृतिक ऑक्सीजन कंटेनर देखा होगा। अरे उसे बरगद या वट वृक्ष भी कहा जाता है। जी हां, विशेषज्ञों की मानें तो बरगद दिन में 20-22 घंटे ऑक्सीजन दे सकता है।

पर्यावरण दिवस के मौके पर जानें बरगद का महत्व-

बरगद दीर्घजीवी विशाल वृक्ष है, हिदू परंपरा में इसे पूज्य माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अलग-अलग देवों से अलग- अलग वृक्ष उत्पन्न हुए। देवताओं में ब्रह्मा का वास वट वृक्ष में माना गया है, इसलिए इस पेड़ की पूजा करने से ब्रह्मा की कृपा भी प्राप्त होती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें, यह वृक्ष पीपल के बाद सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देने वाला पेड़ है। इस मामले में यह तीसरे स्थान पर आता है। ऑक्सीजन के अलावा इसके छाल से इम्यून सिस्टम मजबूत करने में भी मदद मिलती है।

बरगद के पेड़ को ऐसे करें रोपित-

बरगद के पौधे को लगाने के 7-8 दिन पहले दो वाई दो फीट का गड्ढा खोद लें। इसके बाद उसमें से निकली मिट्टी में गोबर की खाद मिलाकर उसे दोबारा वहीं भर दें। इसके बाद ही पौधे का रोपण करें। इस पेड़ का फैलाव बहुत अधिका होता है। इसलिए इसे ऐसे स्थान पर लगाएं जहां बड़ा स्थान खाली हो।