वट सावित्री व्रत के दिन लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें क्या है खास

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इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून दिन गुरुवार को लगने जा रहा है। इस दिन वट सावित्री व्रत भी है। ये त्योहार ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। खास बात ये है कि इस दिन शनि जयंती भी पड़ रही है। शास्त्रों के अनुसार, शनि जयंती को शनिदेव के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। वहीं वट सावित्री व्रत उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है।

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10 जून को लगेगा सूर्य ग्रहण

10 जून का सूर्य ग्रहण एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। ये चंद्रमा के चारों ओर आग का एक वलय बनाएगा, जो सूर्य के सेंटर को कवर करेगा। ये सूर्य ग्रहण अमेरिका, यूरोप और एशिया में आंशिक तौर पर दिखाई देगा जबकि ग्रीनलैंड, उत्तरी कनाडा और रूस में पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देखने को मिलेगा। इस बार का सूर्य ग्रहण भारत के केवल अरुणाचल प्रदेश में आंशिक तौर पर दिखाई देगा। इसलिए, हिंदू पंचांग के अनुसार, विवाहित स्त्रियां वट सावित्री व्रत की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ कर सकती हैं।

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वट सावित्री व्रत का क्या है विशेष महत्व

वट सावित्री व्रत उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है. ये त्योहार उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन विवाहित महिलाएं बरगद के पेड़ की परिक्रमा करती हैं और उस पर सुरक्षा का धागा बांधकर पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं।

वट सावित्री अमावस्या पूजा

  • वट सावित्री अमावस्या गुरुवार, 10 जून 2021
  • अमावस्या तिथि 9 जून 2021 दोपहर 01:57 से शुरू होकर 10 जून 2021 शाम 04:22 पर समाप्त होगी
  • व्रत पारण तिथि- 11 जून 2021 शुक्रवार

सूर्य ग्रहण के दौरान भूल से भी न करें ये काम

> सूर्य ग्रहण के सूतक काल में किसी सुनसान जगह से बिल्कुल भी न गुजरें क्योंकि इस समय नकारात्मक शक्तियां अत्यंत प्रभावी हो जाती हैं
> सूर्य ग्रहण को खाली आंखों से बिल्कुल भी न देखें क्योंकि ऐसा करने पर आपकी आंखें खराब हो सकती हैं
> सूर्य ग्रहण के समय भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें। मान्यता है कि ऐसा करने से मूर्तियां दूषित हो जाती हैं
> सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को खाना पकाने का कोई भी काम नहीं करना चाहिए और न हीं किसी भी प्रकार से सूईं धागे का प्रयोग करना चाहिए
> सूर्य ग्रहण का सूतक लगने पर किसी भी शुभ काम को प्रारंभ न करें आपको इसके शुभ परिणाम प्राप्त नहीं होंगे

 

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। Samachar UP इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।