उत्तर प्रदेश चुनाव :-जहाँ एक तरफ सपा परिवार में  कलह और दूसरी तरफ बसपा में एक दुसरे के खिलाफ बगावत का लाभ उठाते हुए भाजपा 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए किलेबंदी में जुट गई है। युवाओं, पिछड़ों व महिलाओं पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इनके सम्मेलनों की बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सहयोगी दल समेत कुल 73 सीटें जीती थीं। इस कामयाबी को विधानसभा चुनाव में दोहराना भाजपा के लिए चुनौती है। सत्ता की दावेदारी में उसे सपा और बसपा से जूझना है, लेकिन इन दोनों ही दलों में आंतरिक विवाद बढ़े हुए हैं। सपा में तो परिवार में ही घमासान छिड़ा हुआ है। बसपा में नेता प्रतिपक्ष रहे स्वामी प्रसाद मौर्य, पूर्व मंत्री आरके चौधरी समेत कई विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और कुछ को-आर्डिनेटर मायावती के खिलाफ बगावत का बिगुल बजा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर भाजपा में शामिल हुए हैं।
भाजपा ने कार्यक्रमों की बड़ी शृंखला तैयार की है। कार्यकर्ताओं को काम सौंप दिए गए हैं।

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