समाचारUP:- भारत त्योहारों का देश है। अगर हम समूचे भारत देश की बात करे तो यहाँ पर हर दिन कहीं न कहीं कोई न कोई त्यौहार मनाया ही जाता है। यह त्यौहार सामाजिक भी होते है कुछ ऐतिहासिक भी और कुछ पौराणिक भी । बहुत से ऐसे त्योहार होते है जो किसी-किसी जन-जाती के लोगो द्वारा ही मनाये जाते है । लेकिन भारतवर्ष में मनाये जाने वाले त्योहारों में एक त्यौहार दिवाली का भी है । 

  • जैसे फलों का राजा आम है और ऐसे ही अगर हम त्योहारों के राजा (King Of Festivals) की बात करें तो त्योहारों का राजा दिवाली का त्यौहार है ।

    यह त्यौहार सिर्फ समूचे भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है । दिवाली का त्यौहार एक ऐसा त्यौहार है जिसका हर एक बच्चे और बूढ़े को बेसब्री से इन्तजार रहता है ।

    लेकिन क्या आपको पता है भारत में इस जगह पर दिवाली नहीं मनायी जाता और क्यों..??

    जी हा केरल एक ऐसा जगह है जहाँ पर दिवाली नहीं मनायी जाती दरअसल, उत्तर भारत में रामायण के अनुसार जब प्रभु़ श्रीराम ने रावण को युद्ध में हराया. उसके बाद लक्ष्मण व सीता सहित लगभग 14 वर्ष बाद कार्तिक अमावस्या को अयोध्या वापस लौटे थे, इसलिए इस दिन दीपक और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया गया. तब से दिवाली मनाए जाने लगी ।

    लेकिन दूसरी तरफ केरल में दिवाली नहीं मनाई जाती. केरल में प्रचलित पौराणिक कहानियों के अनुसार यहां पर दिवाली के दिन यहां के राजा बालि की मृत्यु हुई थी. इसलिए यहां दिवाली पर कोई रौनक नहीं होती. इसके अलावा दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में दिवाली श्रीराम की वापसी का दिन नहीं बल्कि इस दिन श्रीकृष्ण ने नारकासुर का वध किया था. इस कारण दिवाली मनाई जाती है.

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