अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के छोटे महंत स्वामी आनन्द गिरी को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी से निष्कासित कर दिया है। महंत नरेंद्र गिरि ने स्वामी आनंद गिरि को संन्यास धारण करने के बावजूद अपने परिवार से संबंध रखने के कारण उन्हें निष्कासित किया है। (swami anand giri expelled from niranjani akhara)

श्री मठ बाघम्बरी गद्दी और बड़े हनुमान मंदिर से भी निष्कासित

इतना ही नहीं महंत नरेंद्र गिरि ने स्वामी आनन्द गिरी को तत्काल प्रभाव से श्री मठ बाघम्बरी गद्दी और बड़े हनुमान मंदिर से भी निष्कासित कर दिया है। स्वामी आनंद गिरि पर आरोप है कि बाघम्बरी गद्दी और मंदिर से अर्जित धन वे घर भेजते थे। उन्होंने पूरे मामले में अखाड़े के पंच परमेश्वरों से जांच करायी थी। पंच परमेश्वरों की जांच में दोनों आरोप सही पाए थे। इसके बाद ये सख्त कार्रवाई की गई है। ( pryagraj news )

महंत नरेंद्र गिरि की ओर से भेजे गए पत्र पर पंच परमेश्वर कार्यकारिणी की हरिद्वार में हुई बैठक में स्वामी आनन्द गिरी के निष्कासन पर बड़ा फैसला लिया गया है। इस कार्रवाई को लेकर पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के पंच परमेश्वरों की ओर से एक प्रेस रिलीज भी जारी की गई है। ( pryagraj news )

आनन्द गिरी को 2019 में हुई थी जेल

बता दें कि स्वामी आनन्द गिरी आस्ट्रेलिया में 2016 और 2018 के पुराने मामले में अपनी दो महिला शिष्याओं के साथ मारपीट और अभद्रता के मामले में वर्ष 2019 में सुर्खियों में आये थे। इस मामले में उन्हें मई 2019 में जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि सितम्बर माह में सिडनी कोर्ट ने उन्हें बाइज्जत बरी करते हुए पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश दे दिया था, जिसके बाद ही स्वामी आनन्द गिरी की स्वदेश वापसी हुई थी। ( pryagraj news )