उन्नाव गैंगरेप मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को उम्र कैद की सजा

उन्नाव गैंगरेप केस में तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को अजीवन कारावास की सजा का ऐलान कर दिया गया है। इसी के साथ 25 लाख का जुर्माना भी ठोका गया है। साथ ही पीड़िता के परिजनों को 10 लाख की सहायता राशि और आवास दिया जाएगा है।
इससे पहले तीस हजारी कोर्ट में दोषी कुलदीप सेंगर की सजा पर सुनवाई की गई थी। जिस दौरान जांच एजेंसी सीबीआई ने सेंगर को उम्र कैद देने की मांग भी की थी। सीबीआई का कहना था कि, ये मामला केवल रेप का नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक उत्पीड़न भी शामिल है। वहीं इससे पहले कोर्ट ने सीबीआई को जांच को लेकर फटकारा था।

कोर्ट ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 363 (अपहरण), 366 (शादी के लिए मजबूर करने के लिए एक महिला का अपहरण या उत्पीड़न), 376 (बलात्कार और अन्य संबंधित धाराओं) और POCSO के तहत दोषी ठहराया।

करेंट अफेयर्स: 02 दिसंबर से 08 दिसंबर 2019 तक

1.निम्नलिखित में से किसने हाल ही में 24वें महालेखा नियंत्रक के रूप में कार्यभार संभाला है?

☞ सोमा रॉय

2.निम्नलिखित में से किस दिन अंतर्राष्ट्रीय दासता उन्मूलन दिवस मनाया जाता है?
☞ 02 दिसंबर

3.केंद्र सरकार ने पुलिस स्टेशनों में महिला सहायता डेस्क की स्थापना और सुदृढ़ीकरण हेतु ‘निर्भया फंड’ से कितने करोड़ रुपये मंजूर किए हैं?
☞ 100 करोड़ रुपये

4.केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने किस राज्य में अवंती मेगा फ़ूड पार्क का उद्घाटन किया?
☞ मध्य प्रदेश

5.निम्नलिखित में से किस दिन विश्व मृदा दिवस मनाया जाता है?

☞ 05 दिसंबर

6.केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण की अवधि को और कितने साल हेतु बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है?

☞ दस साल

7.हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के निर्विरोध अध्यक्ष निम्न में से किसे चुना गया?

☞ लालू प्रसाद यादव

8.अमेरिका ने किस देश को हाल ही में 10 करोड़ डॉलर की सैन्य सहायता राशि दी है?

☞ लेबनान

9.चीन की सिचुआन एयरलाइन ने हाल ही में किस देश के लिए मालवाहक विमान सेवा शुरू की है?
☞ भारत

10.रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने 2019-20 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को 6.3 फीसदी से घटाकर कितने फीसदी किया है?

☞ 5.1 फीसदी

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Breaking- हैदराबाद दुष्कर्म मामले के चारों आरोपियों का एनकाउंटर

हैदराबाद में महिला डॉक्टर से गैंगरेप और उसकी हत्या करने वाले चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया गया है।

यह एनकाउंटर नेशनल हाइवे-44 के पास हुआ। पुलिस आरोपियों को एनएच-44 पर क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी।

बता दें कि 27-28 नवंबर की दरम्यानी रात को हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत की वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को ढेर कर दिया है।

डेली करेंट अफेयर्स

✔ केंद्र सरकार ने मानव तस्करी रोकने हेतु भारत और जिस देश के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी प्रदान कर दी- म्यांमार

✔ संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार जिस वर्ष तक पृथ्वी का तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस बढ़ने के आसार जताए गये हैं-2100

✔ दमन दीव तथा दादरा और नगर हवेली के एकीकरण के पश्चात भारत में कुल जितने केंद्र शासित प्रदेश हो गये हैं-8

✔ केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग का कार्यकाल एक साल बढ़ाकर जितने तारीख तक कर दिया है-30 अक्टूबर 2020

✔ हाल ही में जिस देश के राष्ट्रपति ने हांगकांग में लोकतंत्र की मांग हेतु चल रहे प्रदर्शनों का समर्थन करने संबंधी एक विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं- अमेरिका

✔ साल 2020 में आयोजित होने वाले नौसैनिक अभ्यास ‘मिलन’ की मेज़बानी कौन सा देश करेगा- भारत

✔ हाल ही में केंद्र सरकार ने जिस राज्य में प्रस्तावित 3097 मेगावाट की एटालिन परियोजना के कारण जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रभाव के अध्ययन की अनुशंसा की है- अरुणाचल प्रदेश

✔ केंद्र सरकार ने जिस देश में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के बारे में भारतीय रुख को मंजूरी दी- स्पेन

✔ जिस पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर को उत्तरी श्रीलंका प्रांत का गवर्नर बनाया गया है- मुथैया मुरलीधरन

✔ जिसे हाल ही में भारत में जापान का राजदूत नियुक्त किया गया है- सातोशी सुजुकी

source- https://www.jagranjosh.com/

इसरो ने रचा इतिहास, कार्टोसैट-3 के साथ 13 नैनो सैटलाइट लॉन्च

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को सुबह 9: 28 मिनट पर कार्टोसैट-3 को लॉन्च किया। कार्टोसैट-3 के साथ अमेरिका के 13 नैनो सैटलाइट्स PSLV c47 से लॉन्च भी किये गए. कार्टोसैट-3 से बड़े स्तर पर मैपिंग की जा सकेगी जिससे शहरों की प्लानिंग और ग्रामीण इलाकों के संसाधनों का प्रबंधन भी किया जा सकेगा।

कार्टोसैट सीरीज का 9वां सैटलाइट

यह कार्टोसैट सीरीज का नौवां सैटलाइट है जिसे चेन्नै से 120 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के सेकंड लॉन्च पैड से लॉन्च किया गया। पीएसएलवी कार्टोसैट-3 को 509 किमी के पोलर सन-सिन्क्रनस ऑर्बिट में और अमेरिकी सैटलाइट्स को लॉन्च के 27 मिनट बाद ही प्रक्षेपित करेगा।

ये है खास

कार्टोसैट-3 तीसरी पीढ़ी का उपग्रह है जिसमें हाई रेजॉलूशन तस्वीर लेने की क्षमता है। इसका भार 1,625 किलोग्राम है और यह बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करेगा।

वर्तमान समय में पर्यावरण की यथार्थ वास्तविकता है फ़िल्म ‘वन रक्षक’

ग्रीन हाउस गैसों के बेतहाशा उत्सर्जन से पूरी दुनिया का वातावरण आज इतना जहरीला हो चुका है कि आम आदमी साफ़ सुथरी हवा में सांस लेना ही एकदम भूल चुका है और वातावरण के जहरीले होने की रफ़्तार इतनी तेज हो चुकी है कि इंसान की औसत उम्र ही कम हो चुकी है और इसके चलते इंसान समय से पहले ही मौत का शिकार होने लगा है . पेड़-पौधें प्रकृति की ऐसी नियामत हैं जो वातावरण की तमाम जहरीली गैसों को सोख लेते हैं और इंसान को जीवन दायिनी हवा प्रदान करते हैं. इसलिए इंसान पर्यावरण को बिगाड़ने के लिए अपने स्तर पर कोई काम न करने के साथ ही यह प्रण भी अवश्य ले कि पृथ्वी में ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाए. इससे न केवल प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी बल्कि इंसान को जीने के लिए साफ़ – सुथरी हवा भी मिलेगी.

अजीब लगता है यह देख कर कि एक तरफ पर्यावरण को बचाने की मुहीम में संयुक्त राष्ट्र संघ से लेकर देश – दुनिया की तमाम सरकारों के साथ ही वैश्विक स्तर पर काम कर रहे असंख्य स्वेच्छिक संगठन पेड़ों को बचाने की मुहीम में सक्रिय हैं तो दूसरी तरफ इसी दुनिया में कुछ ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जो अपने आज के सीमित स्वार्थ के लिए न केवल पेड़ों को बलात काटने के काम में लगीं हैं बल्कि बन की सुरक्षा में तैनात वन विभाग के उन इमानदार कर्मचारियों की हत्या करने – करवाने से भी संकोच नहीं करती जो वनों के अवैध कटान का विरोध करते हैं . ऐसे ही इमानदार वन संरक्षकों के जीवन पर आधारित है फिल्म , “वनरक्षक ” .

*वन है तो हम हैं*

वन रक्षक फ़िल्म एक फारेस्ट गार्ड की आपबीती है जो बचपन से ही अपनी धरती माँ से प्रेम करता है। इस फ़िल्म में ग्लोबल वार्मिंग और प्रकृति संरक्षण की बात पुरज़ोर तरीके से की गई है। लेखक जितेंद्र गुप्ता ने इस फ़िल्म में प्राकृतिक संरक्षण और विकास को बड़े अच्छे तरीके से जोड़ा है। आज के समय में जब पर्यावरण पर पूरी दुनिया में बहस छिड़ी है, 17 वर्षीय ‘ग्रेटा थनबर्ग’ पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे अपील कर रही है, वैसे समय में ऐसी फ़िल्म का बनना अपने आप में ही इसकी महत्ता को साबित करता है।

निर्देशक पवन कुमार शर्मा की यह फ़िल्म एक स्थानीय फारेस्ट गार्ड चिरंजीलाल चौहान के जीवन पर बनी एक यथार्थवादी और सच्ची घटना पर बनी है . चिरंजी लाल को अपनी धरती से बहुत प्यार है और पर्यावरण संरक्षण के चलते पेड़ों की रक्षा करने को वह अपना परम कर्तव्य और धर्म समझता है . इसी धर्म का पालन करने में उसकी जान भी चली जाती है . इस फ़िल्म की शूटिंग हिमाचल के जंजैहली में हुई है।

*वनों को बचाने का सन्देश देती है यह फ़िल्म*

इस फ़िल्म की पटकथा लिखते हुए लेखक जीतेन्द्र गुप्ता ने जलवायु परिवर्तन से होने वाले खतरों की तरफ इशारा करते हुए पर्यावरण और वन संरक्षण को बहुत ही सटीक तरीके से विकास के साथ भी जोड़ा है । जे एम के एंटरटेनमेंट और शैलजा सिनेमैटिक्स लिमिटेड के बैनर तले निर्मित इस फ़िल्म को इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल और नेशनल फ़िल्म अवार्ड के लिए भेजा जाएगा। इस फ़िल्म की एक खासियत यह भी है कि यह फिल्म एक साथ दो भाषाओं – हिंदी और हिमाचली में बनी है. इस फ़िल्म में हिंदी और हिमाचली कलाकारों मिश्रण है और सभी ने फिल्म निर्माण में जबरदस्त मेहनत की है .

इस फ़िल्म के मुख्य किरदार धीरेंद्र ठाकुर और फ़लक खान हैं। धीरेन्द्र चिरंजी की भूमिका में हैं और फलक ने आँचल के किरदार को बड़ी मेहनत और इमानदारी से निभाया है . पूरी फिल्म की कहानी चिरंजीलाल चौहान नामक वन रक्षक के इर्दगिर्द घूमती है जो जंगलों को सुरक्षित रखने की बात कहता है। बिहार के मधुबनी जिले के रहनेवाले धीरेन्द्र ठाकुर का अभिनय के क्षेत्र में यह पहली फ़िल्म है। इससे पहले धीरेन्द्र ठाकुर दिल्ली में थिएटर से जुड़ें रहें हैं। धीरेन्द्र ठाकुर बताते हैं कि अभिनय के क्षेत्र में कदम उन्होंने अपनी माँ के कारण रखा है। ये उनकी माँ का सपना है कि वे अभिनेता बनें। व्यवहार से शांत स्वभाव के धीरेन्द्र ठाकुर ने अपने अभिनय से सबको संतुष्ट किया है। यशपाल शर्मा, आदित्य श्रीवास्तव, राजेश जैश जैसे अभिनेता ने भी इनकी खूब तारीफ़ की है। कई सीन्स में अभिनय के बाद धीरेन्द्र जी ने पूरी क्रू के तरफ़ से तालियां और शाबाशी बटोरी है।

इसके अलावा अभिनेता आदित्य श्रीवास्तव, यशपाल शर्मा और राजेश जैश भी इस फिल्म की अहम भूमिकाओं में हैं . इस फ़िल्म के म्यूजिक डायरेक्टर हिमाचल के ‘बालकृष्ण शर्मा’ हैं। साथ ही , इस फ़िल्म में शुभा मुदगल, हंसराज रघुवंशी, कुलदीप शर्मा, शक्ति सिंह सरीक़े के गायक अपनी आवाज़ देंगे।

*वनरक्षक महज़ एक काल्पनिक कहानी नहीं अपितु आज की वास्तविकता है*

वनरक्षक महज़ एक काल्पनिक कहानी नहीं बल्कि यथार्थ जीवन के एक ऐसे सच्चे सेनानी की कहानी है जो जीवन के ऐसे सच का डट कर मुकाबला करता है जिससे डर कर आम आदमी घर पर बैठा जाता है. लेकिन वनरक्षक के असली हीरो चिरंजीलाल चौहान ने असंतुलित विकास और जलवायु परिवर्तन के चलते आम आदमी के जीवन पर पड़ने वाले खतरों का मुकाबला करने के उद्देश्य से पर्यावरण की सुरक्षा करने की सच्चाई के एक ऐसे कठिन सच का मुकाबला करना पड़ गया की इस कडवी सच्चाई का सामना करते – करते उसे अपनी जान ही देनी पड़ गई थी. स्वाध्य्याय के चलते उसे जलवायु परिवर्तन से होने वाले भयानक खतरों की जानकारी जब उसे मिलने लगी तब उसने वन संरक्षण को अपने जीवन का एक लक्ष्य ही बना लिया था . अपने इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए चिरंजी ने वन विभाग में अपेक्षाकृत छोटे समझे जाने फारेस्ट गार्ड जैसे पद पर काम करने का मन बना लिया था

कड़ी मेहनत से महीनों तक रिसर्च और स्क्रिप्ट तैयार करना, फिर फ़िल्म शूट करना, एक बेहतरीन टीमवर्क को दर्शाता है। प्रोड्यूसर का विश्वास, डायरेक्टर की विज़न और पूरे टीम की मेहनत ने इस कार्य को सफल बनाया है।

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुना दिया। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने अयोध्या मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि विवादित ढांचा पूरी तरह से हिंदू पक्ष को दिया जाता है, जबकि मुसलिम पक्ष को अलग से मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ ज़मीन देने का आदेश दिया।

साथ ही अदालत ने माना है कि अयोध्या में 2.77 एकड़ की पूरी विवादित भूमि को राम मंदिर के निर्माण के लिए सौंप दिया जाना चाहिए। इसके अलावा न्यायालय ने कहा कि 1992 में बाबरी मस्जिद तोड़ना कानून का उल्लंघन था। केंद्र सरकार को इस संबंध में तीन महीने के भीतर एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने मंदिर निर्माण के लिए ट्र्स्ट बोर्ड का गठन करने के आदेश दिए।

क्रिप्टो करेंसी के नाम पर निवेशकों के करोड़ो डकार गया यह गिरोह

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क्रिप्टोकरंसी घोटाला के नाम पर निवेशकों से लाखों -करोरों की ठगी करने का एक और मामला सामने आया है। जिसमें सैकड़ों निर्दोष निवेशकों के करोड़ों रुपए डूब गए। निवेशकों द्वारा दिये गए सबूतों के अनुसार, ड्रामचा कॉइन घोटाले में भारत और दुबई के कई निवेशकों का पैसा डूबा है। ड्रामचा कॉइन में निवेश करने वाले एक निवेशक के अनुसार घोटाले के मास्टर माइंड मनीष बंसल, देबाशीष पटनायक, अमित कुमार वैश्य, हरेंद्र प्रताप सिंह और विवेक कुमार है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी से जुड़े लोगों ने नवंबर 2017 में भारत और दुबई में रह रहे कई निवेशकों से संपर्क किया और निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देते हुए अपने नए क्रिप्टोक्यूरेंसी ड्रामचा कॉइन में निवेश करने का ऑफर दिया। जिसका नाम बदलकर बाद में उन्होंने डी कॉइन कर दिया। क्रिप्टो कर्रेंसी का लॉन्च इवेंट 14 दिसंबर 2017 को कंबोडिया में आयोजित किया गया। जिसमें लगभग 250 निवेशकों ने भाग लिया था। कंपनी ने अकेले दुबई के निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटा लिए। कंपनी द्वारा निवेशकों से जुड़े रहने के लिए बनाए गए उनके टेलीग्राम ग्रुप में दुनियाभर के 1500 से अधिक निवेशकों को जोड़ा गया था। जिससे निवेशकों की संख्या के हिसाब से घोटाले की रकम सैकड़ो करोड़ तक पहुंचती दिखती है।

कंपनी द्वारा इस्तेमाल की गई वेबसाइट का स्क्रीनशॉट (www.drachmacoin.io)

मिली के अनुसार, देबाशीष पटनाइक कंबोडिया स्थित डी एंड डी ग्रुप के चैयरमैन है। वहीं अन्य आरोपियों में मनीष, अमित, हरेंद्र और विवेक पर भी निवेशकों को धोखा देने का कथित रूप से आरोप है। समूह पर कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला कारोबार में भी शामिल होने के आरोप हैं।

अमित कुमार वैश्य और हरेंद्र प्रताप सिंह 500 करोड़ रुपये के एक अन्य क्रिप्टोकरंसी, मनी ट्रेड कॉइन (एमटीसी) घोटाले का हिस्सा थे। जिसका पिछले साल महाराष्ट्र पुलिस ने भंडाफोड़ किया था।

पीड़ित सुनील ने एमटीसी कॉइन के मामले में बताया कि, “अगस्त 2017 में अमित और हरेन्द्र ने मुझे एमटीसी कॉइन में निवेश करने का प्रस्ताव दिया। उस समय अल्विन प्रभाकर नाम का एक अन्य व्यक्ति भी उनके साथ था जो कि प्रेजेंटेशन दे रहा था। एमटीसी कॉइन में निवेश करने के प्रस्ताव के साथ वह लोग मुझसे अमबेस्डर होटल, बुर दुबई और मेरे कार्यालय में कई बार मिले। यहां तक कि अल्विन ड्रामचा घोटाले में भी शामिल है और वह कंबोडिया में हुए लॉंच इवेंट का नेत्रत्व कर रहा था। हालांकि अल्विन ने मुझसे ड्रामचा के लिए कभी संपर्क नही किया।”

कंपनी पर आरोप है कि उसने पिछले घोटाले की तर्ज पर ड्रामचा कॉइन को लॉंच करके निवेशकों को भारी रिटर्न और बोनस का लालच दिया। निवेशकों से भारी मात्रा में नगद एकत्रित कर कंपनी ने इसे हवाला के जरिए भारत भेज दिया।

निवेशकों ने दुबई कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दायर किया और कोर्ट ने उन्हें कारावास की सजा के साथ ही भारत भेजने का फैसला किया। निवेशकों ने कंपनी के खिलाफ एक सिविल केस भी दायर किया। अदालत ने आरोपियों के यूएई आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया। अदालत द्वारा पारित निर्णय के बारे में पता चलते ही विवेक को छोड़कर सभी आरोपी भारत भाग गए। वहीं निवेशक रेड कॉर्नर नोटिस के माध्यम से अपराधियों को वापिस यूएई लाने के प्रयास में है।

निवेशक भारत में आपराधिक मामले दर्ज करने की तैयारी में हैं और इसके लिए ईओडब्ल्यू और ईडी से संपर्क कर रहे हैं। निवेशकों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों ने भारत आकर कई जगह संपत्ति और वाहन खरीदे हैं। आरोपियों ने भारत में साइबरक्लिप टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और मैजिकबंच मीडिया जोन प्राइवेट लिमिटेड नाम से नई कंपनियां भी चालू की है।

कीर्ति नगर निवासी अमित कुमार वैश्य और पीलीभीत, यूपी हरेंद्र प्रताप सिंह ने निवेशकों के कॉल का जवाब देना बंद कर दिया है, वहीं मनीष ट्रेस नहीं हो पा रहा है ।

(मूल रूप से Maverick Times में छपी यह खबर पीड़ितों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। Maverick Times ने इस खबर पर दूसरा पक्ष जानने के लिए पीड़ित के माध्यम से कथित मास्टरमाइंड, विवेक से संपर्क करने की कोशिश की। जिसने कॉल और मेल का जवाब नहीं दिया।)

“सीएम योगी ही बनवाएंगे राम मंदिर”

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मामले को लेकर करीब दो हफ़्तों से लगातार सुनवाई चल रही है. कोर्ट में सुनवाई भले ही चल रही हो लेकिन इसको लेकर नेता बयान देने से पीछे नहीं हट रहे हैं.

इसी कड़ी में अब योगी आदित्यनाथ सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री पंडित सुनील भराला ने अयोध्या में राम मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया है। मंत्री पंडित सुनील भराला का दावा है कि भगवान राम का मंदिर निश्चित रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में बनाया जाएगा। वह एक निर्णायक व्यक्ति हैं। वह अपने हाथों से मंदिर का निर्माण करेंगे। उनके पास तो ‘अपार शक्ति’ है।

टीचरों की तबादला नीति में योगी सरकार ने किया बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग के टीचरों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। दरअसल बेसिक शिक्षा विभाग में टीचर्स ट्रांसफर के लिए 5 साल की समय सीमा को घटाकर 3 साल कर दिया गया है। वहीं महिलाओं के लिए ये बाध्यता सिर्फ 1 साल कर दी गई है।

बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश दि्ववेदी ने बताया कि यूपी के प्राथमिक शिक्षा को और बेहतर बनाना है। वह बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए अन्य विभाग की भी मदद लेंगे। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा में फ्लाइंग स्क्वाड का गठन किया गया है। यह उड़न दस्ता सभी स्कूलों का निरीक्षण करेगा। वहीं मिड डे मील व्यवस्था में पंचायती राज विभाग भी शामिल होगा, जहां गड़बड़ी ग्राम प्रधान करेगा, वहां पंचायती राज उस पर कार्रवाई करेगा।