kumbh mela 2019

2014 लोकसभा चुनाव के लिए जब पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी इलाहाबाद ( अब प्रयागराज ) के परेड ग्राउंड में जब अपने भाषण को संबोधित किया तो उसे सुनने वालों की तादाद कई लाख थी. ऐसा माना जा रहा था कि इलाहबाद के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ.

लेकिन कहा जाता है इतिहास खुद को दोहराता है यही हुआ कल यानि रविवार को जब कुम्भ के लिए किन्नर अखाड़े की पेशवाई हुई. पेशवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने जम कर स्वागत किया. यह यात्रा चौक से चल कर बहराना होते हुए दारागंज से कुंभ स्थित कैंप तक पहुंची. चौक से लेकर दारागंज तक ऐसी भीड़ पहली बार देखने को मिली थी. महिलाओं से लेकर बच्चे बूढ़े तक स्वागत के लिए सड़क के अलग-बगल, छत या जिसको जहां भी जगह मिली खड़े होकर किन्नर संतो का स्वागत करते नजर आये.

Kinner akhada peshvai, किन्नर अखाडा पेशवाई
Photography- Jeetendra Yadav

पेशवाई के दौरान ही जब समाचार यूपी की टीम ने लोगों से पूछा कि आपने इससे पहले कभी ऐसी पेशवाई देखी है? तो उनका कहना था कि ये कुम्भ के इतिहास में पहली बार हुआ है जब ऐसी भीड़ देखने को मिली. कुछ ने तो कहा कि 2014 में हुई मोदी की रैली को फेल कर दिया है. बता दें कि पेशवाई में 9 डी. जे के साथ कई ढोल ताशे भी थे.

किन्नर अखाड़े का प्रयाग में यह पहला कुम्भ है, इसकी अगुवाई किन्नर अखाड़ा प्रमुख लक्ष्मी शंकर त्रिपाठीकर रही थीं. ऊंट पर सवार हाथ में तलवार लिए अखाड़े में सबसे आगे बाकी पीछे देश के कोने-कोने और विदेश से आए किन्नर, अखाड़े के पदाधिकारी, पीठाधीश्वर, महंत आदि रथ पर सवार होकर चल रहे थे.

किन्नर अखाड़े की पेशवाई में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नरायण त्रिपाठी के अलावा अखाड़े की पीठाधीश्वर प्रभारी उज्जैन की पवित्रा माई, उत्तर भारत की महामंडलेश्वर भवानी मां, अन्तर्राष्ट्रीय महामंडलेश्वर डॉक्टर राज राजेश्वरी पहुंचीं.