सपा के इस दो बड़े नेता ने थामा बसपा का दामन, मायावती हुई गदगद…

यूपी चुनाव:- ​टिकट वितरण को लेकर एक पार्टी से दुसरी पार्टी में जाने का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा, कोई भाजपा से कांग्रेस में जा रहा तो कोई सपा से बसपा में ये सिलसिला लगातार जारी है।

इन्हीं बीच अब सपा के दो कद्दावर नेता नारद राय और शादाब फातिमा ने बसपा का दामन थाम लिया है। जिनके आने से मायावती बहुत ज्यादा खुश है और इससे जीत का दावा थोक रही।


आपको बतादें की समाजवादी पार्टी में दो बार सदस्यता ग्रहण करने के बाद बर्खास्त कर दिया गया था जिसके वजह से उनका गुस्सा बरकरार था जो अब बसपा के साथ जुड़ गये।

सिद्धू के बाद इस कद्दावर नेता ने छोड़ी बीजेपी, थामा कांग्रेस का हाथ…

उत्तराखंड:- टिकट वितरण को लेकर भाजपा की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। टिकेट न मिलने की वजह से  एक एक करके पार्टी का दामन छोड़ दे रहें हैं।

इसी सिलसिले में अब की बार उत्तराखंड के कद्दावर नेताओं में शामिल मातबर सिंह कंडारी ने भाजपा का साथ छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया।

दरअसल कंडारी को उम्मीद थी कि उनकी जीत का इतिहास देखते हुए इसबार भाजपा रुद्रप्रयाग से टिकट ज़रूर देगी लेकिन टिकट दे दिया गया पांच बार चुनाव हार चुके भरत सिंह चौधरी को। इस बात से मातबर सिंह कंडारी नाराज़ होकर भाजपा का साथ छोड़ना बेहतर समझा और थाम लिया कांग्रेस का हाथ।  कंडारी के अलावा, भाजपा नेता डॉ. आनंद सिंह रावत, रुद्रप्रयाग के जिलाध्यक्ष दरबान सिंह रावत, संदीप थपलियाल, हाजी सैयद महताब एवं अकील अहमद आदि नेताओं ने भी कांग्रेस ज्वाइन की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सभी नेताओं का कांग्रेस पार्टी में स्वागत किया।

गौरतलब है देहरादून में इस बात का ऐलान स्वयं राज्य के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया। कंडारी के साथ उनके बेटे राजीव कंडारी भी कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

भाजपा के घोषणा पत्र के बाद कांग्रेस का आया तीखा बयान…

​यूपी चुनाव के लिये भाजपा को घोषणा पत्र जारी करते ही विपक्ष का प्रहार होना शुरू हो गया। मायावती के बाद अब कांग्रेस ने भी तीखा हमला बोला है।

  • दरअसल घोषणापत्र को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने झूठ का पुलिंदा बताया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा में बीजेपी द्वारा किए गए एक भी वायदे को जमींन पर नहीं लाया गया है. एक बार छली गयी जनता दोबारा उनके छलावे में नहीं आएगी.

इसके बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव को याद दिलाते हुये कहा कि इसी बात का सबूत है. लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जनता से बड़े-बड़े वायदे किये थे, लेकिन ढाई साल बीत जाने के बाद भी आज तक एक भी वायदे को निभाया नहीं गया. 

गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने घोषणा पत्र में 25 बड़े मुद्दे को दर्शाया है। जिसके बाद विपक्ष की प्रतिक्रिया आना चालू हो गया।

यूपी चुनाव के लिये प्रशांत किशोर ने खेला एक नया दांव…

​यूपी चुनाव:- राजनीति सूत्रधार माने जाने वाले पीके उर्फ़ प्रशांत किशोर ने यूपी चुनाव के लिये अब एक नया दांव खेला है।

दरअसल प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी और अखिलेश को यूपी का लड़का बताया है. और खबर है कि कांग्रेस-समाजवादी पार्टी के मं से मतदाताओं से सीधा सवाल पूछा जाएगा कि वो यूपी के अपने दोनों लड़कों का साथ देंगे या गुजरात से आनेवाले नरेंद्र मोदी का ?

गौरतलब है कि प्रशांत किशोर के वजह से ही यूपी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन हो सका।

अखिलेश-राहुल ने मिलकर चुनाव के लिये बनाया ये गेम प्लान…

​यूपी चुनाव:- काफी मशक्कत और जद्दोजहद के बाद कांग्रेस और सपा में गठबंधन हुआ और अब अखिलेश और राहुल गांधी दोनों मिलकर विपक्ष को हराने के लिये कई फॉर्मूले बना रहे हैं।

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ये रहा दोनों का प्लान:–

  • सबसे पहले 29 जनवरी को राहुल गांधी और अखिलेश यादव पहली बार संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस करेंगे जिसमें यूपी को ये साथ पसंद है स्लोगन को भी लॉन्च किया जाएगा। 
  • इसी के साथ अखिलेश और राहुल संयुक्त रूप से 14 चुनाव रैलियों को संबोधित करेंगे
  • साझा चुनाव प्रचार कार्यक्रम के तहत दोनों ही नेता प्रत्येक चरण में दो-दो चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। 
  • 29 जनवरी को सपा-कांग्रेस की संयुक्त रैली भी होगी। इस रैली में शिरकत करने के लिए सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के बड़े नेताओं को भी न्योता भेजा गया है। 
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    चुनावी प्लान

    भाजपा,कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के लिये आया चौकाने वाला सर्वे…

    Opinion POLL:-  पाँच राज्यों का विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नज़दीक का रहा वैसे वैसे एक अलग और आश्चर्य जनक आंकड़ें देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में एक नया ओपिनियन पोल आया जिसमे बेहद ही चौकाने वाले आंकड़ें देखने को मिल रहा।

    दरअसल द वीक-हंसा रिसर्च के ओपिनियन पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी, जबकि उत्तराखंड में भाजपा स्पष्ट बहुमत से सरकार में आ रही है। वहीं, पंजाब में कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी। हालांकि इसके बावजूद भी कांग्रेस को पंजाब में सरकार बनाने के लिए जद्दोजहद करनी होगी।


    ओपिनियन पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार नहीं हैं। 

    वहीँ अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी जो  पांच राज्यों में से दो राज्यों, पंजाब और गोवा में चुनाव लड़ रही पंजाब में दूसरे स्थान पर रहेगी, जबकि गोवा में काफी कोशिशों के बाबजूद आम आदमी पार्टी को सिर्फ दो सीटों से संतोष करना पड़ सकता है।

    चुनाव से पहले भाजपा में मचा महासंग्राम, पड़ सकता है पार्टी को भारी…

    ELECTIONS:- ना है की पेड़ तभी मजबूत और ऊँचा जा सकता है जब उसका जड़ मजबूत होगा, अगर जड़ जी कमज़ोर हो जाये तो पेड़ का गिरना तय रहता है। ठीक इसी प्रकार आज कल भारतीय जनता पार्टी का हाल हो चूका है।

    दरअसल भाजपा में अब कलह का दौर शुरू हो गया है, अभी 304 प्रत्याशियों की सूचि जारी हुई है और ऐसे में खुद पार्टी के कार्यकर्ता और नेता ने विरोध करना शुरू कर दिया है। इसका प्रमुख कारण टिकट वितरण को लेकर हो रहा है, दरअसल पार्टी ने उनको टिकट दिया जो कुछ दिन पहले भाजपा को गाली देते थे पुतला फुंकतें थे और आज भाजपा में शामिल होते हुए उनको टिकट मिल गया।

    • इसका एक उदाहरण कानपुर की बिठूर सीट से भाजपा ने जिसे टिकट दिया है उन्होंने विरोधी दल में रहते हुए बिल्कुल हाल में नोटबंदी के ख़िलाफ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया था. वहां के कार्यकर्ता ग़ुस्से में नारे लगाते हुए लखनऊ आ पहुंचे. उन्होंने पार्टी नेतृत्व से सवाल पूछा है कि क्या टिकट पाने के लिए प्रधानमंत्री का पुतला फूकना पड़ेगा?

    इसके अलावा गोंडा में भाजपा के सयाने नेता महेश नारायण तिवारी पहले फूट-फूट कर रोए, फिर उन्होंने निर्दलीय लड़ने का ऐलान कर दिया, आज़मगढ़ के पूर्व सांसद रमाकंत यादव ने ग़ुस्से में पार्टी से इस्तीफ़ा देकर अपने निर्दलीय प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया.

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    बहरहाल टिकट वितरण को लेकर मची अफरातफरी को देखकर लगता है कि अगर भाजपा समय रहते हुए अगर इस पर विचार नहीं किया तो उसका यूपी जितने का सपना सपना रह जायेगा।

    तो इस वजह से टूटा भाजपा-शिवसेना का 25 साल का गठबंधन…

    गठबंधन:- ​करीब 25 साल से चल रहा गठबंधन भाजपा और शिवसेना के बीच आखिरकार अब जा कर टूट गया। जिसे गुरुवार को उद्धव ने अब अकेले चुनाव लड़ने का  एलान करते हुए गठबंधन तोड़ दिया।

    दरअसल शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से अपना गठबंधन तोड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि बीजेपी के साथ 2साल गठबंधन में हमारे खराब हुए. अब किसी गठबंधन का सवाल नहीं उठता. हिंदुत्व के लिए हमने साथ दिया, लेकिन बीजेपी 114 सीटें मांग रही है. ये शिवसेना का अपमान है. इसके बाद उन्होंने चरखा विवाद  का जिक्र करते हुए कहा कि  चरखे पर से गांधीजी की तस्वीर हटाने वालों पर अब यूपी में ‘हे राम’ कहने की बारी आ गई है.

    आपको बता दें कि गठबंधन टूटने का सबसे बड़ा कारण रहा अगले महीने होना जा रहा बीएमसी चुनाव का जिसमे शिवसेना ने बीएमसी की कुल 227 सीटों में से 114 सीटों पर भाजपा के दावे के विपरीत उसे महज 60 सीटों की पेशकश की।

     

    राजपथ पर नहीं यहाँ पर हुआ था पहला गणतंत्र दिवस परेड…

    गणतंत्र दिवस:- ​आज पूरा देश 68वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, लेकिन क्या आपको पता है कि पहला गणतंत्र दिवस कहा मनाया गया था .? आप सब का लगभग जवाब राजपथ होगा। लेकिन ये सही नहीं है, आइये हम आपको बतातें है कि देश का पहला गणतंत्र दिवस कहाँ मनाया गया था..??

    दरअसल दिल्ली में 26 जनवरी, 1950 को पहली गणतंत्र दिवस परेड, राजपथ पर न होकर इर्विन स्टेडियम (आज का नेशनल स्टेडियम) में हुई थी. तब के इर्विन स्टेडियम के चारों तरफ चहारदीवारी न होने के कारण उसके पीछे पुराना किला साफ नज़र आता था.

    आपको बतादें राजपथ पर साल 1955 में पहली बार गणतंत्र दिवस परेड शुरू हुई. बाकि इससे पहले 1950-1954 के बीच दिल्ली में गणतंत्र दिवस का समारोह, कभी इर्विन स्टेडियम, किंग्सवे कैंप, लाल किला तो कभी रामलीला मैदान में आयोजित हुआ.

    साभार:- बीबीसी हिंदी

    कांग्रेस-सपा गठबंधन के बाद प्रियंका ने पंजाब चुनाव के लिये खेला ये बड़ा दांव…

    पंजाब:- ​पाँच राज्यो का विधानसभा चुनाव धीरे धीरे करके नजदीक आता जा रहा है और ऐसे में कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी से गठबंधन कराने में अहम रोल निभाने वाली प्रियंका गांधी ने अब एक और बड़ा स्ट्रोक खेल दिया है।

    दरअसल चर्चा है कि प्रियंका गांधी पंजाब विधानसभा चुनाव में अहम रोल निभाने जा रही हैं और उसने अपने हालिया फैसलों से इसके संकते भी दे दिए हैं. आपको बतादें की समाजवादी पार्टी से गठबंधन कराने में अहम रोल निभाने वाली प्रियंका गांधी ने पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू और पूर्व हॉकी खिलाड़ी परगट सिंह को कांग्रेस पार्टी में लाने में भी अहम भूमिका रही.

    • इस बात की पुष्टि खुद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करते हुए एक निजी टीवी चैनल को बताया कि प्रियंका को इन दोनों हस्तियों को कांग्रेस में लाने में महत्वपूर्ण रोल रहा. वो कांग्रेस को मजबूत करना चाहती हैं और हमारे लिए किसी संपत्ति से कम नहीं है.

    गौरतलब है प्रदेश की 117 सीटों पर 4 फरवरी को एक ही चरण में मतदान होना है. वोटों की गिनती 11 मार्च को होगी.