सुप्रीम कोर्ट ने इस बड़े मामले में शशिकला को सुनाई चार साल की जेल और…

तमिलनाडु:- कई दिनों से चल रहे तमिलनाडु में मुख्यमंत्री बनने को लेकर सियासी गर्मी के बीच मंगलवार को अदालत के बड़ा फैसला सुनाते ही सन्नाटा सा छा गया।

दरअसल तमिलनाडु में पन्नीरसेल्वम की जगह सीएम बनने पर अड़ी वीके शशिकला के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति के केस में सुप्रीम कोर्ट में शशिकला को चार साल की सजा सुनाई है.और 10 करोड़ का जुर्माना भी भरने को कहा है।

क्या है मामला:- 

  • ये मामला करीब 21 साल पुराना साल 1996 का है, जब जयललिता के खिलाफ आय से 66 करोड़ रुपये की ज्यादा की संपत्ति का केस दर्ज हुआ था. इस केस में जयललिता के साथ शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को भी आरोपी बनाया गया था. शशिकला के खिलाफ ये केस निचली अदालतों से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है.

आपको बतादें सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद शशिकला को न सिर्फ जेल जाना होगा बल्कि उन्हें 10 करोड़ का जुर्माना भी भरने को कहा गया है. इसके अलावा वह अगले 6 साल तक चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगी. 

भाजपा ने किया आंतरिक सर्वे आया ये चौकाने वाला परिणाम….

सर्वे:- ​चुनाव नजदीक आते ही सर्वे का दौर भी चलने लगता है, जहाँ न्यूज़ चैनल चुनावी सर्वे निकालतें है वहीँ पार्टियां भी अब अपना अलग अलग आंतरिक सर्वे निकालना चालू कर दिया है।

पंजाब में आम आदमी पार्टी के आंतरिक सर्वे के बाद अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि अमित शाह ने भी आंतरिक सर्वे किया है। सर्वे में बड़े ही आश्चर्य वाले परिणाम निकलकर सामने आ रहा है।

  • दरअसल अमित शाह के आंतरिक सर्वे में यूपी में भाजपा को बंपर बहुमत मिलता दिख रहा है तो सपा-कांग्रेस गठबंधन के तीसरे नंबर पर जाने की बात कही जा रही। खास बात है कि सर्वे में बसपा को नंबर दो पार्टी बताया गया है। 

    भाजपा के आंतरिक सर्वे के मुताबिक पार्टी को यूपी में करीब 220 सीटें मिलेंगी। वहीं बसपा को अधिकतम 120 तो सपा-कांग्रेस गठबंधन को सौ से कम सीटें मिलेंगी। यूपी में कुल 403 सीटों पर हो रहे चुनाव में सरकार बनाने के लिए बहुमत का जुगाड़ जरूरी होता है। यूपी में बहुमत के लिए 202 विधायक होने जरूरी हैं।

    आपको बतादें की यूपी में कुल 403 सीटों पर सात चरण में चुनाव होने हैं। पहला चरण का चुनाव शनिवार को पूरा हो गया।

    मुलायम सिंह यादव ने चुनाव प्रचार करने को लेकर लिया ये बड़ा फैसला…

    ​लखनऊ। समाजवादी पार्टी की पारिवारिक लड़ाई किसी से छुपी नहीं है, पार्टी को टूटने से बचाने के लिए मुलायम सिंह ने हरसंभव प्रयास किया, लेकिन चुनाव से पहले पार्टी दो धड़ों में अलग हो ही गया। कांग्रेस से गठबंधन के बाद मुलायम ने बयान दिया था कि वो चुनाव प्रचार नहीं करेंगे।

    लेकिन खबर आ रहा है की सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव प्रचार करने के लिए मान गए है, आज यानि शनिवार को वे जसवंत नगर सीट से उम्मेद्वार अपने भाई शिवपाल यादव के लिए जनता से वोट मांगेंगे। वे शिवपाल यदव के जसवंत नगर के ताखा में जनसभा करेंगे और वोट की अपील करेंगे। बता दें इससे पहले उन्होंने कहा था कि सपा और कांग्रेस के गठबंधन के लिए वह प्रचार नहीं करेंगे। लेकिन अब उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि वे भाई के लिए प्रचार करेंगे। इसके बाद 13 फरवरी को वे मैनपुरी में प्रचार करंगे। 13 फरवरी को होने वाले चुनाव प्रचार में वे चार जनसभाएं करेंगे। इस विधानसभा चुनाव की यह पहली रैली होगी।


    बता दें कि सपा में मचे घमासान के बाद शिवपाल यादव ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था, लेकिन जनता के कहने पर उन्होंने दोबार इस सीट पर अपना दावा किया था। 

    तो वाराणसी रोड शो स्थगित होने की ये थी बड़ी वजह…

    ​वाराणसी:- कांग्रेस-सपा गठबंधन के बाद से राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने मिलकर ये प्लान बनाया की चुनावी रैलियों और रोड शो साथ में करेंगे, इसी क्रम में 11 फरवरी को बाबा विश्वनाथ के नगरी में राहुल गांधी और अखिलेश यादव को रोड शो करना था। लेकिन ठीक एक दिन पहले इसको निरस्त कर दिया गया

    निरस्त करने की क्या थी बड़ी वजह आइये हम आपको बतातें हैं।


    दरअसल कांग्रेसी के एक धड़े का मानना है कि 11 फरवरी को प्रस्तावित रोड शो को टाला जाना पार्टी के हित में रहा, क्योंकि एक तो मार्ग उचित नहीं था दूसरा प्रस्तावित मार्ग पर आपसी विवाद की आशंका ज्यादा थी जिसे संगठन व नेतागण लगातार नजर अंदाज कर रहे थे जो अनुचित था। इस धड़े का मानना है कि बिना होमवर्क के बनारस में बड़े नेताओं का कार्यक्रम लगाया ही नहीं जाना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक इसका ये भी कारण माना जा रहा की वाराणसी जिले के विधानसभा सीटों का नामांकन अभी नहीं हुआ है, जिस वजह से ये भी एक फैक्टर माना जा रहा है।

    बड़ी खबर:- ‘आप’ के मौजूदा पार्षद ने थामा कांग्रेस का पंजा…

    दिल्ली:- ​राजनीति शब्द भी अपने आप में राजनीति है इसे समझ पाना आसान नहीं है, और अगर बात ननेताओं की हो तो इस राजनीति में नेता कब किधर का मोड़ ले लें ये कुछ कहा नहीं जा सकता।

    इसी क्रम में अब आम आदमी पार्टी के मौजूदा पार्षद अनिल मलिक ने पार्टी को छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कांग्रेस का दमन थामने के बाद मलिक ने कहा, ‘मैं यह सोचकर आप में शामिल हुआ था कि वहां कुछ नया करने को होगा, लेकिन वे भ्रष्टाचार के खिलाफ और लोकपाल के लिए लड़ाई को लेकर गंभीर नहीं हैं.’ उन्होंने आरोप लगाया कि उपचुनाव जीतने वाले आप के पांचों पाषर्दों को एमसीडी में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए प्रशिक्षण देने के लिए एक बैठक तक नहीं हुई।

    गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने ये सदयस्ता दिलाते हुए कहा मलिक के लिए यह ‘घर वापसी’ जैसा है।

    ‘जय श्री राम’ के नारे पर आजम खान ने दे दिया विवादित बयान…

    मेरठ:- ​हमेशा अपने विवादस्पद बयान से सुर्ख़ियों में बने रहने वाले आजम खान अब एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं।

    • दरअसल मेरठ के सिवालखास में सपा प्रत्याशी गुलाम मोहम्मद के पक्ष में चुनावी सभा करने आए कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान ने हिन्दू-मुस्लिम कार्ड खेलते हुए कई विवादस्पद बयान दे डाला।

    उन्होंने कहा आरएसएस पर हमला करते हुए कहा कि बापू का हत्यारा कौन था? जिसने बापू को मारा था। बापू हम शर्मिंदा है, तेरे कातिल जिंदा है। इसके बाद उन्होंने आरएसएस अध्यक्ष मोहन भागवत पर बोलते हुए कहा कि हिन्दू भाइयों ये तुम्हारे धर्म पर भी हमला है। भागवत जी हिंदुस्तानी बनो।

    • आजम ने कहा कि जय श्रीराम झगड़े का नारा है और जय सिया राम धर्म का नारा है। उन्होंने कहा कि जो एक धर्म व एक मजहब की बात करे, उसको सेकुलर हिंदूस्तान में रहने का अधिकार नहीं है। इसके बाद आजम खान सीधा पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमारे देश के बादशाह ने कहा कि कालाधन वापस लाएंगे। 

    आपको बतादें चुनाव आयोग ने सख्त आदेश दिया था कि इस विधानसभा में धर्म की राजनीती करते अगर पाया गया तो उसके ऊपर सख्त कार्यवाई की जायेगी। खैर अब देखना दिलचस्प होगा आजम खान के इस बयान के बाद राजनीति क्या मोड़ लेती है।

    उतराखंड चुनाव के लिए कांग्रेस ने स्टार प्रचारक के तौर पर बुलाया इस बड़े नेता को…

    ​उत्तराखंड:- पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की शुरुआत हो गयी है, पंजाब- गोवा के बाद अब बारी है उत्तराखण्ड में चुनाव होने की, यहां 15 फरवरी को वोट डाला जाएगा। कांग्रेस का गढ़ मने जाने वाला उत्तराखण्ड इस बार भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता के कारण काटें की टक्कर देखने को मिलेगा।

    15 फरवरी को चुनाव जोंगे है ऐसे में कांग्रेस के लिए अभी तो फ़िलहाल हरीश रावत अकेले दम पर मोर्चा सम्भाले हुए है और ताबड़तोड़ रैलियां कर रहें है। लेकिन कार्यकर्ताओं की माने तो अभी नए नए जुड़े पंजाब के नवजोत सिंह सिद्धू को स्टार प्रचारक के तौर उत्तराखंड बुलाने का ज्यादा जोर दे रहें है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मुताबिक सिद्धु के आने से यहां पार्टी को और मजबूती मिलेगी। और इससे वोट बैंक पर भी असर पड़ेगा। फ़िलहाल इस बात पर सिद्धु से बात हो गयी है और वो इस पर जल्द ही फैसला लेंगे।

    आपको बतादें की सिद्धू भाजपा छोड़  ‘ आवाज ए पंजाब’ का गठन किया। लेकिन थोड़े दिन में ही काफी गहमागहमी के बाद इन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली थी।

    हो गया तय इस दल के साथ गठबंधन करने जा रही मायावती…

    ​यूपी चुनाव:- राजनीति में कब क्या हो जाये कुछ कहा नहीं जा सकता, और वो भी यूपी की राजनीति हो तो ये बात शत प्रतिशत बैठता है। यहाँ सत्ता पाने के लिए एक दूसरे का साथ पकड़ भी सकतें है और छोड़ भी सकतें है।

    यही कारण है कि अखिलेश ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर यूपी की सत्ता में बने रहने की लिए ऐसा दांव खेला। इसी को देखते हुए अब खबर आ रही है कि  अब राष्ट्रिय ओलेमा कौंसिल और बसपा यूपी चुनाव में एक दूसरे का देने के लिए तैयार जो गये।

    बुधवार की शाम 6 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी पुष्टि की गयी। जिसमे आर.यु.सी ने अपने प्रत्याशी को सभी सीटों पर से नाम वापस लेने को कह दिया।

    सूत्रों की माने तो कांग्रेस-सपा गठबंधन का जवाब देने के लिए  ओलेमा कौंसिल ने मायावती से साथ में आने का असली वजह बताया जा रहा है। आपको बतादें ओलेमा कौंसिल और कांग्रेस के बीच 36 का आंकड़ा है दोनों एक दूसरे के प्रतिद्वंदी हैं, सपा से गठबंधन कर ये काम आग में घी डालने जैसा हो गया। यही कारण है जो बसपा के साथ गठबंधन तक बात पहुँची।

     

    भाजपा से सपा में शामिल होते ही इस पूर्व MLC ने लगाया बड़ा आरोप…

    ​लखनऊ:- विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनितिक पार्टियों में एक कोहराम सा मच गया है। कहीं टिकट को लेकर तो कहीं गठबंधन के वजह से नाराज़गी, नेता को जहाँ जिस तरह से फायदा हो रहा वो उसे लेने में बिलकुल भी पीछे नहीं हो रहे है। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना भी कही कम नहीं है।

    इसी क्रम में मंगलवार को पूर्व MLC व बीजेपी नेता एसपी सिंह भी सपा में शामिल हो गए है। सपा में शामिल होते ही कांति सिंह ने भाजपा पर कई आरोप लगाते हुए कहा की भाजपा टिकट देने के लिए पैसे मांग रही है। 


    उन्होंने कहा कि बीजेपी में पैसे मांगने के लिए 100 दरवाजे हैं। मुझसे बार-बार पैसे मांगे जा रहे थे। बीजेपी सांसद साक्षी महाराज का नाम लेते हुए कहा कि वह पैसे लाने की बात कह रहे थें। एसपी सिंह ने कहा कि टिकट के लिए पैसे की मांग हेने की वजह से मैंने भाजपा छोड़ा। वहीं उन्होंने कहा कि सपा में पैसों की मांग नहीं होती। इसके चलते अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत काम किया है।

    पंजाब चुनाव के बाद कांग्रेस की सीट को लेकर प्रशांत किशोर ने कि बड़ी भविष्यवाणी…

    पंजाब चुनाव:- बिहार चुनाव में नितीश कुमार को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रशांत किशोर, जो अब यूपी विधानसभा चुनाव में  कांग्रेस के राजनीति सलाहकार का काम कर रहें है । चुनाव के लिए स्पेसलिस्ट माने जाने वाले प्रशांत किशोर ने पंजाब चुनाव के बाद एक रिपोर्ट पेश की है जिसमे आश्चर्यजनक आकड़ें आते दिख रहें हैं ।

    दरअसल सूत्रों की माने तो प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि कांग्रेस पार्टी पंजाब में 68-70 सीटें पर कब्ज़ा करेगी। वहीँ मालवा क्षेत्र में AAP पार्टी की स्थिति काफी मजबूत है जहां विधानसभा की 69 सीटें है। कांग्रेस दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने भी कल ट्विटर पर एक चार्ट शेयर कर पंजाब की ग्राउंड रिपोर्ट पेश की। जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी के जीत का दावा किया है। अजय माकन के इस ग्राउंड रिपोर्ट में अकाली-बीजेपी गठबंधन, कांग्रेस, और आम आदमी पार्टी को सीटें दी गई है। अजय माकन की इस पोस्ट के हिसाब से कांग्रेस पंजाब में 67 सीटें, आप 40 सीटें, और अकाली और बीजेपी को 10 सीटें मिलती नज़र आ रही है। अब ये देखना दिलचस्प होगा की पंजाब में किसकी सरकार बनेगी, इसके लिए आपको 11 मार्च तक का इंतजार करना पड़ेगा