जानिए लू लगने के क्या है लक्षण और कैसे करें बचाव.!

SamacharUP:- अप्रैल का महीना शुरू हो चुका है और गर्मी अपने चरम सीमा पर है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान पिछली बार के मुकाबले 4 से 6 डिग्री ज्यादा रहेगा। 

जिससे अगर आप बिना किसी सावधानी के घर से निकलते है, तो आपको ऐसी गम्भीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है, जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बना सकती है।

दरअसल गर्मी में होने वाले आम रोग – लापरवाही के कारण शरीर में निर्जलीकरण (dehydration), लू लगना, चक्कर आना ,घबराहट होना ,नकसीर आना, उलटी-दस्त, सन बर्न ,घमोरिया जैसी कई डाईजीज हो जाती हैं.

लू लगने के लक्षण:- 

1– गर्मी के मोसम में खुले शरीर ,नंगे सर ,नंगे पाँव धुप में चलना।

2– सूती और ढीले कपड़ो की जगह सिंथेटिक और कसे हुए कपडे पहनना।

इत्यादि कारण गर्मी से होने वाले रोगों को पैदा कर सकते हैं

जानिए कैसे करें बचाव :- 

  • गर्मी में सूती और हलके रंग के कपडे पहनने चाहिये।
  •  चेहरा और सर रुमाल या साफी से ढक कर निकलना चाहिये।
  •  प्याज का सेवन तथा जेब में प्याज रखना चाहिये।
  •  बाजारू ठंडी चीजे नहीं बल्कि घर की बनी ठंडी चीजो का सेवन करना चाहिये।
  •  ठंडा मतलब आम(केरी) का पना, चन्दन गुलाब फालसा संतरा  का शरबत ,ठंडई सत्तू, दही की लस्सी, मट्ठा, गुलकंद का सेवन करना चाहिये.

    अपर्णा यादव का EVM पर ऐसा बयान जिसे सुन सपा में मच गयी खलबली.!

    उत्तर प्रदेश:- ​यूपी विधानसभा में मिली करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी खेमे में अभी तक हार का गम नही भुला पा रही है। लगातार आरोप प्रत्यारोप के बाद अब अपर्णा यादव ने चुनाव में मिली हार का कारण कुछ और बता रही है।

    दरअसल मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने अप्रत्यक्ष तौर पर सपा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके करीबियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इनकी हार ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ के कारण नहीं, बल्कि उनके ही करीबियों के कारण हुई है। बता दें कि अपर्णा के इस बयान के बाद समाजवादी परिवार में फिर से गरमा गर्मी मचने की संभावना तेज़ हो गयी है।

    पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अपनों से जब चोट लगती है तो घाव बहुत गहरे होते हैं। हार भी कभी-कभी बहुत कुछ सिखा जाती है। मुझे अपनों से चोट मिली है। इस हार से मुझे भी वह चश्मा मिल गया जिससे मैं अब अपने और पराए की पहचान कर सकती हूं।

     

    गौरतलब है कि इस करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी के समर्थक EVM में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे थे। जिसके बाद चुनाव आयोग ने इस पर आगे से कोई विरोध न हो इस लिये नया EVM मशीन लाने का वादा किया है।

    EVM गड़बड़ी पर चुनाव आयोग ने की सबकी बोलती बंद, लिया ये बड़ा फैसला…!!

    DELHI:- ​EVM में गड़बड़ी को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग अब सख्त नजर आ रही है। आने वाले चुनावों के लिए अब कोई लापरवाही ना हो इसके लिए निर्वाचन आयोग ने बाद फैसला लिया है।

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    दरअसल आयोग ने नई ईवीएम मशीनें लाने का फैसला लिया है। ये लेटेस्ट मशीनें ‘सेल्फ डायग्नोस्टिक सिस्टम’ से युक्त होंगी। यानी कोई भी छेड़छाड़ होने की स्थिति में ये मशीनें काम करना बंद कर देंगी।

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    गौरतलब है कि कई दलों ने लगातार इसपर विरोध किये जिसके वजह निर्वाचन आयोग ने ऐसा फैसला लिया। बात दें ये मशीनें वर्ष 2018 में यानी अगले लोकसभा चुनाव से एक साल पहले आ सकती हैं।

    अभी-अभी: EVM में गड़बड़ी को लेकर भाजपा को लगा बड़ा झटका, दोबारा हो सकते हैं चुनाव..!!

    ​मध्य प्रदेश:- बीते यूपी चुनाव में जिस तरह से प्रचंड जीत भारतीय जनता पार्टी को मिली। उससे विपक्षी दल के खेमे एक आक्रोश से पैदा हो गया। एग्जिट पोल, सर्वे या खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का बयान देखे तक उनका कहना था यूपी में 180+ वोट भाजपा को मिलेगा लेकिन हुआ कुछ और। भाजपा 325 वोट के साथ बहुमत हासिल कर ली।
    अब सवाल ये उठता है इतना वोट आया कहा से, जिसके लिए विपक्षी दल evm में छेड़खानी का भी आरोप लगाए, लेकिन नतीजा कुछ नही निकला।

    वहीं अब एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसको लेकर बीजेपी खेमे में से हताशा छा गयी है। दरअसल मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक अभ्यास के दौरान ‘वीवीपीएटी’ मशीनों से केवल भाजपा के निशान वाली पर्चियां निकलीं। इस पूरे मामले का वीडियों भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

    ख़बरों के मुताबिक़ अभ्यास के दौरान चाहे जो भी बटन दबाया गया उससे निकली सारी पर्चियां यह दिखा रही थीं कि वोट भाजपा को गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि मध्यप्रदेश की मुख्य चुनाव अधिकारी सलीना सिंह ने पत्रकारों को समाचार पत्रों में यह न्यूज नहीं देने के लिए कहा है।

    • इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह बात बाहर गई तो पुलिस थाने में हिरासत में रखा जाएगा यह कहते देखा गया था। हालांकि वीडियो में देखे तो अधिकारी सलीना सिंह जब दोबारा बटन दबाने को कहा तो फिर कोई गड़बड़ी नही आई।

    बहरहाल चुनाव आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा,” हमने निर्वाचन अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है जल्द ही इसपर जवाब देंगे।”

    जियो मेम्बरशिप लेने की बढ़ी तारीख, साथ में मिलेगा एक और बम्पर ऑफर..!!

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    जियो:- अगर आप भी जियो मेम्बरशिप जॉइन नही कर पाए हैं, तो घबराने की जरूरत नही है। अब आपको जियो की तरफ से कुछ दिन और मिल गए है इसके साथ ही साथ 3 महीने तक का फ्री आफर भी।

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    इसके साथ ही कंपनी ने एक और बड़े ऑफर का ऐलान किया है. जिसका नाम है Jio Summer Surprise. इसके तहत अगर जियो यूजर 15 अप्रैल से पहले 99 और 303 रुपये का रिचार्ज कराते हैं तो उन्हें जियो अगले तीन महीने तक फ्री सेवाएं देगी और उनका रिचार्ज के लिए किया गया भुगतान जुलाई महीने से लागू होगा. 
     

    एंटी रोमियो स्क्वाड को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट का फरमान..!!

    ​लखनऊ:- देश भर में महिलाओं की सुरक्षा की बात को लेकर हमेशा से कोई न कोई मुहिम चलाया जाता है। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया। जिसको लेकर अब काफी विवाद भी चल रहा है।

    वहीं जब एंटी रोमियो स्क्वाड के खिलाफ याचिका दायर की गई, तो इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने इसको अच्छे तरीके से समझते हुए अपना फरमान सुनाया है। 

    सरकार के फैसले में दखल देने से साफ इनकार करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा, ‘कोर्ट ने कहा है कि इसमें कोई कानूनी या संवैधानिक अवरोध नहीं है। कोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए तमिलनाडु व गोवा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी कानून बनाने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि वास्तव में यह मॉरल पुलिसिंग नहीं, बल्कि प्रिवेंटिव पुलिसिंग यानी ऐसी पुलिसिंग है, जिसका काम महिलाओं के खिलाफ सरेआम छेड़खानी को होने से पहले रोकना है।

    बतादें याचिकाकर्ता ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा था कि सरकार को प्रेमी जोड़ों की निजता में दखल और युवाओं को संदेह की दृष्टि से देखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। याचिका में कहा गया कि इस ऐंटी रोमियो स्क्वॉड के जरिए पुलिस की गलती कार्रवाई से समाज की शांति और सहिष्णुता प्रभावित हो सकती है।

    MCD चुनाव: प्रचार के लिए कांग्रेस ने खेला ये बड़ा मास्टर स्ट्रोक, भाजपा-AAP में बढ़ी टेंशन…!! 

    ​दिल्ली:- जहाँ एक तरफ दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी में टिकट को लेकर अफरा तफ़री मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी ने मौका देखते हुए मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है।

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    दरअसल चुनाव को मद्देनज़र देखते हुए पार्टी ने सही समय पर एक बड़ा दांव खेलते हुए गुरुवार से ही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनाव प्रचार के लिए लगा दिया है। बात दें दिल्ली में पंजाबी मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने यह फैसला लिया है। 

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    बताया जा रहा है कि भाजपा और आम आदमी पार्टी को पटखनी देने के लिए कांग्रेस ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को उतार कर पंजाबी और सिख वोटों पर एक बड़ा दांव अाजमाया है। जिसके लिए कैप्टन को 10 से ज्यादा रोड शो और लगभग 20 जनसभाओं को संबोधित करना हैं। 

    अब किसी भी तरह के एग्जिट पोल को लेकर चुनाव आयोग ने लिया ये सख्त फैसला..!! 

    चुनाव आयोग:- बीते पांच राज्यो के चुनाव में जहां एक तरफ राजनैतिक पार्टियों का शोर शराबा था, वहीं दूसरी तरफ अलग अलग चैनल्स, वेब पोर्टल, पेपर में एग्जिट पोल दिखाने की होड़ मची हुई थी। 

    • वहीं एग्जिट पोल दिखाने के अलावा कई टीवी चैनल तो ज्योतिषी और पंडित को बुलाकर जीत की भविष्यवाणी कर रहे थे। लेकिन अब से इस पर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते कड़ा फैसला लिया है।

    दरअसल चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान नतीजों को लेकर किसी भी तरह की एग्जिट पोल और किसी भी तरह की भविष्‍यवाणी के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया दिया है। चुनाव आयोग ने गुरुवार शाम को राजनैतिक पंडितों, भविष्‍यवक्‍ताओं और टैरो कार्ड रीडर्स द्वारा चुनावी भविष्‍यवाणी करने पर रोक लगाने की घोषणा की।  

    ज्ञात हो कि बीते चुनाव में दैनिक जागरण के वेब पोर्टल ने यूपी का एग्जिट पोल समय से पहले ही प्रकाशित कर दिया था। जिसके लिए जागरण के ऑनलाइन संपादक शंशाक शेखर त्रिपाठी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें स्थानीय कोर्ट में जमानत मिलने पर छोड़ दिया गया।

    Source:- Jansatta

    इन 10 पॉइंट्स में जानिए GST लागू होने के बाद, क्या होंगे फायदे और नुकसान..?

    GST:- ​आखिरकार सभी के सहमति से जीएसटी (गुड्स और सर्विस टैक्स) के चारो विधेयक लोकसभा में पारित हो गए। हरी झंडी मिलते ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी को क्रांतिकारी कदम बताया। वहीं पीएम मोदी ने कहा कि नए साल पर देश में नया कानून आया है।
    आइए जानते हैं जीएसटी लागू होने से होने वाले बदलाव .??

    • जीएसटी लागू होने से टैक्स में चोरी आसान नहीं होगी। अप्रत्यक्ष टैक्स प्रणाली में पार्दर्शीता आएगी।
    • जीएसटी लागू होने के बाद पूरे देश में एक ही टैक्स प्रणाली होगी।
    • राज्य और केंद्र, दोनों मिलकर सामान और सेवाओं पर टैक्स लगाएंगे।
    • इसके अलावा तंबाकू, शराब आदि जैसे सेहत पर खराब असर डालने वाले सामानों और लग्जरी चीजों पर टैक्स बढ़ाया गया है.

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    पार्टी में बदलाव को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान…

    • अब हवाई चप्पल और बीएमडब्ल्यू पर एक समान टैक्स नहीं लगाया जा सकता। संसद और राज्यों की विधानसभाओं को गुड्स और सर्विसेज पर टैक्स लगाने का अधिकार होगा।
    • जीएसटी काउंसिल में 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। संविधान संशोधन के तहत जीएसटी के तहत पहले पांच साल में किसी राज्य को घाटा होगा, तो उसकी व्यवस्था की जाएगी
    • इस नई कर व्यवस्था से एकरूपता आएगी, जो ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित होगा। जीएसटी से ऑनलाइन लेनदेन बढ़ेगा और इससे कर देने वालों का दायरा बढ़ेगा। इसका ईमानदार करदाताओं को फायदा मिलेगा।

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    पार्टी में बदलाव को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान…

    • विश्व बैंक के एक शोध के अनुसार जीएसटी लागू होने से GDP में 2% का इजाफा होगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।
    • वित्तमंत्री अरुण जेटली के अनुसार, सरकार ने 0%, 5%, 12%, 18% और 28% के टैक्स स्लैब रखे हैं।
    •  खाने-पीने की अहम चीजों पर 0% टैक्स, जबकि नुकसानदेह या लग्जरी चीज़ों पर अधिक टैक्स रखा गया है।

    शिक्षा को लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला, नकल कराने वाले टीचरों को…!!!

    ​लखनऊ:- आदित्यनाथ योगी को मुख्यमंत्री बनते ही सूबे की जनता में मानो एक नया लहर सा दौड़ पड़ा है। मुख्यमंत्री पद सम्हालते ही लगातार कई बदलाव किए जा रहे हैं। इन्ही में सब अब योगी सरकार ने शिक्षा को लेकर भी अपनी सतर्कता दिखा दी है। 

    दरअसल योगी सरकार ने यूपी माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सामूहिक नकल कराने वाले विद्यालयों की मान्यता रद्द कराने का फैसला किया है।

    • शिक्षकों पर भी गिरेगी गाज...

    उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बताया कि अगर नकल कराने में लिप्त पाए गए एडेड और सरकारी स्कूलों के शिक्षक और प्रधानाचार्य निलंबित कर दिए जाएंगे।

    उन्होंने कहा सामूहिक नकल मिलने पर विद्यालयों को काली सूची में डालते हुए मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही भी तत्काल शुरू की जाए। अगर एक ही मैनेजमेंट के कई कॉलेज हैं तो एक में नकल मिलने पर, उसके बाकी कॉलेजों की भी जांच कराने के निर्देश दिए।